
विलेज फास्ट टाइम्स | कुशीनगर से विशेष संवाददाता
कुशीनगर। सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली कथित आपत्तिजनक टिप्पणी साझा करना दो युवकों को महंगा पड़ गया। थाना बरवापट्टी पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की और पोस्ट साझा करने के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया के माध्यम से सांप्रदायिक भावना को प्रभावित करने वाली एक आपत्तिजनक पोस्ट संज्ञान में आई थी। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पोस्ट साझा करने वालों की पहचान की और बिना देर किए उन्हें हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान साविद अली पुत्र सहाबुद्दीन अंसारी तथा सद्दाम अंसारी पुत्र मुस्तकीम अंसारी, निवासी ग्राम रामपुर बरहन टोला लक्ष्मीपुरडीही, थाना बरवापट्टी, जनपद कुशीनगर के रूप में हुई है। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है तथा प्रकरण में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया अभिव्यक्ति का मंच अवश्य है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि कोई व्यक्ति समाज में नफरत फैलाने, धार्मिक भावनाओं को भड़काने या कानून-व्यवस्था को चुनौती देने का माध्यम बना ले। डिजिटल दुनिया में किया गया हर पोस्ट, हर टिप्पणी और हर शेयर कानून की निगाह में दर्ज होता है। इसलिए किसी भी प्रकार की भड़काऊ, भ्रामक अथवा सांप्रदायिक सामग्री साझा करना गंभीर परिणाम ला सकता है।
बरवापट्टी पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई को कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सोशल मीडिया की आड़ लेकर समाज में वैमनस्य फैलाने या शांति भंग करने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
संदेश स्पष्ट है— सोशल मीडिया पर ‘पोस्ट’ करने से पहले सोचिए, क्योंकि एक क्लिक आपको सीधे कानून के कटघरे तक पहुंचा सकता है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार है, लेकिन कानून की मर्यादा उससे भी बड़ी जिम्मेदारी है।
