
विलेज फास्ट टाइम्स | कुशीनगर से विशेष संवाददाता
कुशीनगर में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम, 1970 के तहत कार्रवाई करते हुए जिला मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह तंवर ने दो अभियुक्तों को छह माह के लिए जनपद की सीमा से निष्कासित करने का आदेश जारी किया है। प्रशासन की इस कार्रवाई को अपराधियों के खिलाफ कड़ा संदेश माना जा रहा है कि जिले में कानून से खिलवाड़ करने वालों के लिए अब कोई राहत नहीं होगी।
जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय द्वारा पारित आदेश के अनुसार, थाना पटहेरवा क्षेत्र के ग्राम पगरा पड़री निवासी उमेश भारती पुत्र रामनरेश भारती के विरुद्ध जारी नोटिस की पुष्टि करते हुए उन्हें उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम, 1970 की धारा 3(3) के अंतर्गत ‘गुंडा’ घोषित किया गया है। इसके साथ ही उन्हें छह माह की अवधि के लिए जनपद कुशीनगर की सीमा से बाहर रहने का आदेश दिया गया है।
इसी क्रम में थाना रामकोला क्षेत्र के उरदहा नंबर-1 निवासी कमलेश खरवार पुत्र वीरेंद्र खरवार के विरुद्ध जारी नोटिस की भी पुष्टि करते हुए न्यायालय ने उन्हें भी धारा 3(3) के अंतर्गत ‘गुंडा’ घोषित कर छह माह के लिए जनपद से निष्कासित कर दिया है।
न्यायालय के आदेश के अनुसार, निष्कासन अवधि के दौरान दोनों व्यक्तियों को जनपद कुशीनगर की सीमा में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। यदि वे किसी अन्य जिले में रात्रि विश्राम करते हैं तो संबंधित क्षेत्र के थानाध्यक्ष को इसकी सूचना देना अनिवार्य होगा। न्यायालय की पूर्व अनुमति के बिना कुशीनगर में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, यदि किसी न्यायिक आदेश के पालन में अदालत में उपस्थित होना आवश्यक हो तो उन्हें अलग से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी।
जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने आदेश की प्रति संबंधित थानाध्यक्षों एवं पुलिस अधीक्षक, कुशीनगर को भेजते हुए निर्देश दिया है कि आदेश का तत्काल तामिला कराया जाए तथा अनुपालन रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की जाए। यह आदेश संबंधित व्यक्तियों को तामील होने की तिथि से प्रभावी माना जाएगा।
प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। साफ संकेत है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
