
विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर से विशेष संवाददाता
कुशीनगर। दुदही विद्युत उपकेंद्र की बिजली व्यवस्था इन दिनों “सेवा” कम और “सजा” ज्यादा साबित हो रही है। दुदही नगर पंचायत सहित आसपास के गांवों में पिछले 24 घंटों के भीतर बिजली आपूर्ति इतनी बार बाधित हुई कि लोगों ने गिनती छोड़ दी। स्थानीय लोगों का दावा है कि एक ही दिन में 200 से अधिक बार बिजली ट्रिप हुई। हालात यह रहे कि कई बार महज पांच मिनट बिजली आई और फिर सप्लाई गुल हो गई।
भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली विभाग की यह “आंख मिचौली” अब आम जनता की सहनशक्ति पर भारी पड़ने लगी है। रातभर लोग पसीने में तरबतर होकर जागने को मजबूर रहे। छोटे बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है, बुजुर्ग गर्मी से कराह रहे हैं और बीमार लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ गई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर यह बिजली आपूर्ति है या जनता के धैर्य की परीक्षा?
लगातार ट्रिपिंग के चलते इनवर्टर जवाब देने लगे हैं। कई घरों में पंखे, टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खराब होने की आशंका बढ़ गई है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिजली बिल वसूली में विभाग पूरी सख्ती दिखाता है, लेकिन जब निर्बाध आपूर्ति देने की बात आती है तो जिम्मेदार अधिकारी तकनीकी फाल्ट का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
स्थानीय निवासी राजन ब्याहुत, पवन मद्धेशिया, अमित जायसवाल, नंदू जायसवाल, संदीप, अवधेश, अजय कुमार, ओमप्रकाश गोरखपुरिया, धुरंधर वर्मा और पुष्पेंद्र रौनियार समेत कई लोगों ने विभाग के खिलाफ गहरी नाराजगी जताई। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी।
उधर दुदही विद्युत उपकेंद्र के जेई सर्वेश दुबे ने बताया कि क्षेत्र में तकनीकी फाल्ट के कारण समस्या उत्पन्न हुई है। इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दे दी गई है और जल्द सुधार का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि सवाल यह उठ रहा है कि आखिर हर बार “तकनीकी फाल्ट” का बहाना कब तक जनता को झुलसाता रहेगा?
