


464 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास, सड़क, एयरपोर्ट, कृषि विश्वविद्यालय और नारायणी पुल पर मुख्यमंत्री योगी के बड़े वादे
जनसभा में विकास का विज़न, जनता की निगाह अब समयबद्ध क्रियान्वयन पर
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर | विशेष संवाददाता | 11 जुलाई
पूर्वांचल की राजनीति और विकास की धुरी बने कुशीनगर में शनिवार का दिन ऐतिहासिक गतिविधियों का साक्षी बना। रामकोला-हाटा विधानसभा क्षेत्र के टेकुआटार में आयोजित विशाल जनसभा से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लगभग ₹525 करोड़ की लागत वाली 464 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास कर जिले के विकास को नई गति देने का संदेश दिया। मंच से सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, कृषि और आधारभूत ढांचे को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं, जिन पर अब पूरे जिले की निगाहें टिक गई हैं।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम ने केवल सरकारी योजनाओं की समीक्षा तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि विकास की भावी दिशा भी स्पष्ट करने का प्रयास किया। विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए विकास स्टालों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और निर्देश दिया कि शासन की प्रत्येक योजना का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पात्र लोगों तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया, विभिन्न विभागों के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र एवं चेक वितरित किए तथा 110 और 104 वर्ष के दो वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित कर सामाजिक मूल्यों का संदेश दिया।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब सुशासन, निवेश, औद्योगिक विकास और मजबूत कानून व्यवस्था का नया मॉडल बन चुका है। उन्होंने दावा किया कि अपराध और माफिया के विरुद्ध कठोर कार्रवाई से प्रदेश में निवेश का वातावरण मजबूत हुआ है और रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।
सभा में सबसे अधिक चर्चा कसया-रामकोला मार्ग को लेकर हुई। वर्षों से लंबित इस सड़क के निर्माण का आश्वासन देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह मार्ग बनने से क्षेत्र के व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और आवागमन को नई गति मिलेगी।
कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर भी मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण संकेत दिए। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण नियमित उड़ानों के संचालन में देरी हुई है, लेकिन सरकार जल्द ही नियमित सेवाएं शुरू कराने के लिए प्रयासरत है। साथ ही कुशीनगर को गया और जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने की योजना का भी उल्लेख किया, जिससे बौद्ध पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नया विस्तार मिलने की संभावना जताई गई।

कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने कहा कि कुशीनगर में स्थापित कृषि विश्वविद्यालय शीघ्र पूर्ण रूप से संचालित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह विश्वविद्यालय किसानों के लिए आधुनिक कृषि अनुसंधान, प्रशिक्षण और नई तकनीकों का प्रमुख केंद्र बनेगा।
नारायणी नदी के दियारा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने लगभग ₹800 करोड़ की प्रस्तावित पुल परियोजना को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि डीपीआर तैयार की जा रही है और पुल बनने के बाद वर्षों से आवागमन की समस्याओं से जूझ रहे गांव विकास की मुख्यधारा से जुड़ जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने इंसेफेलाइटिस नियंत्रण, मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, मुफ्त राशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत और स्वरोजगार योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।
हालांकि मंच से विकास की लंबी रूपरेखा प्रस्तुत की गई, लेकिन अब सबसे बड़ी चुनौती इन घोषणाओं को तय समयसीमा में धरातल पर उतारने की होगी। कुशीनगर की जनता लंबे समय से बेहतर सड़क, नियमित हवाई सेवाओं, कृषि विश्वविद्यालय के पूर्ण संचालन और नारायणी नदी पर पुल जैसी परियोजनाओं का इंतजार कर रही है। ऐसे में इन घोषणाओं की सफलता का वास्तविक आकलन उनके क्रियान्वयन से होगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बड़े विकास पैकेज तभी सार्थक माने जाते हैं, जब उनकी प्रगति आम नागरिक को दिखाई दे। शिलान्यास और घोषणाएं विकास यात्रा की शुरुआत हैं, लेकिन उसकी असली पहचान समय पर पूरे हुए कार्यों और जनता को मिलने वाले प्रत्यक्ष लाभ से होती है।
कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री दारा सिंह चौहान, राज्यसभा सांसद आरपीएन सिंह, सांसद विजय कुमार दुबे, सांसद रवि किशन, विधायक पी.एन. पाठक, डॉ. असीम राय, मनीष जायसवाल, विनय प्रकाश गौंड, विवेकानंद पांडेय, मोहन वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष सावित्री जायसवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय, जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर, पुलिस अधीक्षक केशव कुमार तथा अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
फ्रंट पेज निष्कर्ष
टेकुआटार की जनसभा से विकास का बड़ा संदेश जरूर गया है, लेकिन अब कुशीनगर की जनता की अपेक्षा केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि उनके समयबद्ध क्रियान्वयन से है। यदि घोषित परियोजनाएं तय समय में पूरी होती हैं तो यह जनपद के विकास में मील का पत्थर साबित होंगी; अन्यथा जनता की कसौटी पर हर घोषणा की परीक्षा होगी।
