
कुशीनगर जनपद के तमकुहीराज क्षेत्र में पोस्टर फाड़ने के विवाद के बाद बुजुर्ग की मौत को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं और दावे सामने आने लगे हैं। इस बीच कुशीनगर पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी कर मामले को लेकर फैल रही अफवाहों का खंडन किया है और लोगों से संयम बरतने की अपील की है।
पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, 09 जून 2026 की रात थाना चौराखास क्षेत्र के ग्राम मंगरूपीड़ी में साहिल पुत्र इब्राहिम तथा एक अन्य व्यक्ति बिजली के खंभों पर लगे विज्ञापन पोस्टर हटा रहे थे। घटना के बाद कुछ लोगों द्वारा यह प्रचारित किया जाने लगा कि फाड़े जा रहे पोस्टर किसी धार्मिक यज्ञ कार्यक्रम से जुड़े थे। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह दावा भ्रामक है और इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
इसी घटनाक्रम के बीच ग्राम बिहार बुजुर्ग, थाना तमकुहीराज निवासी लगभग 60 वर्षीय रामभजन गिरी की मृत्यु का मामला भी चर्चा का विषय बन गया। सोशल मीडिया और क्षेत्र में चल रही चर्चाओं के बीच पुलिस ने कहा है कि प्रथम दृष्टया मृतक के शरीर पर कोई स्पष्ट या गंभीर चोट दिखाई नहीं दे रही है। मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है और सभी तथ्यों को गंभीरता से परखा जा रहा है। वहीं, क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है तथा हालात पूरी तरह नियंत्रण में बताए जा रहे हैं।
घटना के बाद पूरे इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म है, लेकिन प्रशासन का कहना है कि किसी भी प्रकार की अपुष्ट जानकारी या अफवाह पर विश्वास न किया जाए। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और सोशल मीडिया पर भ्रामक संदेश प्रसारित करने से बचें।
अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस पूरे मामले की तस्वीर को और अधिक स्पष्ट कर सकती है।
