
अमित कुमार कुशवाहा विषेश संवाददाता
कुशीनगर। तमकुहीराज थाना क्षेत्र के चखनी खास में 1 अगस्त को हुई आदर्श चौहान उर्फ बुलेट की सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने बड़ा खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती तहरीर में जिन लोगों को नामजद किया गया था, गहन जांच में उनकी भूमिका घटना में सामने नहीं आई। इसके बाद पुलिस ने सर्विलांस, एसओजी और साइबर टीम की मदद से जांच का रुख बदला और कथित तौर पर हत्या में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ एक बाल अपचारी को पुलिस संरक्षण में लिया।
पुलिस के अनुसार, आदर्श चौहान की पेट में चाकू मारकर हत्या की गई थी। घटना के बाद मृतक के पिता की तहरीर पर पांच नामजद और चार अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामला गंभीर होने के चलते पुलिस ने नामजद आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और उनके बयानों तथा उपलब्ध तथ्यों का बारीकी से परीक्षण किया।
यहीं से जांच ने नया मोड़ लिया। पुलिस का दावा है कि पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण में नामजद आरोपियों की संलिप्तता संदिग्ध पाई गई, जबकि जांच आगे बढ़ने पर पांच अन्य संदिग्धों के नाम प्रकाश में आए। पुलिस टीमों ने घटना से जुड़े हर पहलू की पड़ताल शुरू की।
सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल टाइमलाइन और भुगतान संबंधी डिजिटल साक्ष्यों के मिलान ने खोली परतें! पुलिस के मुताबिक, तकनीकी साक्ष्यों की कड़ियां जोड़ने के बाद घटना में चार आरोपियों की भूमिका सामने आई। इसके बाद 7 अगस्त को अंगद पासवान, सतीश कुशवाहा, चंदन कुशवाहा और प्रीतम कुशवाहा को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक बाल अपचारी को पुलिस संरक्षण में लिया गया।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने घटना में शामिल होने की बात स्वीकार की। हालांकि, इस तरह के कथित इकबालिया बयान का अंतिम मूल्यांकन न्यायिक प्रक्रिया में साक्ष्यों के आधार पर ही होगा।
पुराने विवाद से जुड़ी हत्या की कड़ी
पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे करीब 15 से 20 दिन पहले हुआ विवाद बताया जा रहा है। इसी पुराने विवाद और कहासुनी को हत्या की वजह माना जा रहा है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त चाकू को आलाकत्ल बताते हुए बरामद करने का दावा किया है। इसके अलावा घटना में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें—UP57CA3926 और UP57CE4940—भी बरामद की गई हैं।
मामले में थाना तमकुहीराज पर मु0अ0सं0 186/2026, धारा 103(2), 190, 191(2), 191(3) बीएनएस के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की तफ्तीश पर उठे सवालों के बीच मिला बड़ा जवाब
इस हत्याकांड में शुरुआती नामजदगी और बाद में सामने आए कथित वास्तविक आरोपियों के बीच अंतर ने पुलिस जांच की दिशा पर भी सवाल खड़े किए थे। लेकिन पुलिस का दावा है कि तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाते हुए सही आरोपियों तक पहुंचा गया। अब पुलिस की इस कार्रवाई की असली कसौटी न्यायालय में पेश होने वाले साक्ष्य और पूरी न्यायिक प्रक्रिया होगी।
इस पूरे ऑपरेशन में थाना तमकुहीराज, स्वाट, साइबर सेल और सर्विलांस टीम समेत कई पुलिसकर्मियों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक कुशीनगर ने सराहनीय कार्य करने वाली टीम को 25 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया।
तमकुहीराज हत्याकांड में पुलिस के इस खुलासे ने एक बात साफ कर दी है—तहरीर में दर्ज नाम और घटना के वास्तविक आरोपी एक ही हों, यह जरूरी नहीं; जांच में सामने आने वाले साक्ष्य ही मामले की दिशा तय करते हैं। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्य अदालत की कसौटी पर कितने मजबूत साबित होते हैं।
