
विलेज फास्ट टाइम्स गोरखपुर न्यूज़ नेटवर्क
समाजसेवी कुलदीप पाण्डेय की लगातार पैरवी और सीएम पोर्टल की दस्तक के बाद हरकत में आया विभाग
गोरखपुर। डॉ. राजेंद्र प्रसाद नगर वार्ड संख्या-14 स्थित तुरहाबारी शिवमंदिर पंपहाउस के बगल में पिछले लगभग आठ महीनों से क्षतिग्रस्त बिजली पोल स्थानीय लोगों के लिए खतरे की घंटी बना हुआ था। तेज आंधी, बारिश और तूफान के बीच कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई थी, लेकिन जिम्मेदार विभागीय तंत्र मानो किसी अनहोनी का इंतजार कर रहा था। मोहल्लेवासियों का आरोप था कि कई बार सूचना देने के बावजूद अधिकारी सिर्फ आश्वासन देते रहे और जवाब मिलता रहा—“जब पोल गिर जाएगा तब बदला जाएगा।”
स्थानीय निवासी एवं युवा जनकल्याण समिति के अध्यक्ष समाजसेवी कुलदीप पाण्डेय ने इस गंभीर समस्या को लेकर लगातार शासन-प्रशासन और बिजली विभाग के चक्कर लगाए। उन्होंने नगर निगम, बिजली विभाग के अधिकारियों, एसडीओ, जेई और अन्य जिम्मेदार अफसरों को बार-बार अवगत कराया, लेकिन महीनों तक फाइलें सरकती रहीं और पोल अपनी जगह मौत का संकेत देता खड़ा रहा।
समाजसेवी कुलदीप पाण्डेय ने बताया कि कई अधिकारियों की कार्यशैली ऐसी प्रतीत हो रही थी मानो व्यवस्था “पहले हादसा, फिर कार्रवाई” के सिद्धांत पर चल रही हो। स्थानीय लोगों के अनुसार विभागीय उदासीनता इतनी बढ़ चुकी थी कि जब शिकायत की जाती तो कहा जाता—“अगर कोई घटना हो भी गई तो मुआवजा मिल जाएगा।” यही बयान अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि क्या किसी की जान जाने के बाद ही सरकारी मशीनरी जागती है?
लगातार अनदेखी के बाद कुलदीप पाण्डेय ने मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल आईजीआरएस पर शिकायत दर्ज कराई। इसके साथ ही जिलाधिकारी के माध्यम से एक सूत्रीय मांग पत्र भी भेजा गया। शिकायत के बाद ऊर्जा मंत्रालय लखनऊ तथा मुख्यमंत्री कार्यालय स्तर से मामले की जानकारी ली गई और समय-समय पर निस्तारण आख्या भी प्रेषित की गई। लेकिन जब इसके बावजूद समाधान नहीं हुआ तो पुनः अपील कर विभागीय लापरवाही की ओर ध्यान आकर्षित कराया गया।
इस पूरे मामले में स्थानीय प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। पिछले एक महीने में कई बार समाचार प्रकाशित होने के बाद मामला चर्चा में आया और आखिरकार विभाग की नींद टूटी। लगातार उठते सवालों और जनदबाव के बाद 12 मई मंगलवार को बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची। समाजसेवी कुलदीप पाण्डेय की मौजूदगी में पुराने क्षतिग्रस्त पोल को हटाकर नया बिजली पोल स्थापित किया गया।
नया पोल लगने के बाद मोहल्लेवासियों ने राहत की सांस ली। समाजसेवी कुलदीप पाण्डेय ने प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath, गोरखपुर महापौर Dr. Manglesh Srivastava, बिजली विभाग के एसडीओ और जेई का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देर से ही सही, लेकिन सरकार ने जनहित में समस्या का समाधान किया।
हालांकि इस पूरे घटनाक्रम ने एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है—क्या सरकारी तंत्र अब शिकायतों पर नहीं, बल्कि संभावित हादसों की उलटी गिनती पर काम करेगा? अगर समय रहते कार्रवाई हो जाए तो शायद कई दुर्घटनाएं टाली जा सकती हैं। फिलहाल नया पोल लगने से क्षेत्रवासियों को राहत मिली है, लेकिन यह मामला विभागीय संवेदनशीलता और जवाबदेही पर गहरी चोट जरूर कर गया है।
