
विलेज फास्ट टाइम्स गोरखपुर न्यूज़ नेटवर्क | विशेष संवाददाता
गोरखपुर। भारतीय ज्ञान, नीति और राष्ट्र निर्माण के महान पुरोधा आचार्य चाणक्य की जयंती के अवसर पर गोरखपुर में सामाजिक चेतना, सांस्कृतिक गौरव और वैचारिक एकता का संदेश देते हुए अंतर्राष्ट्रीय ब्राह्मण दिवस एवं ब्राह्मण गौरव दिवस उत्साह, श्रद्धा और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन युवा जनकल्याण समिति द्वारा राजेंद्र नगर पश्चिमी गोकुलधाम स्थित संस्था कार्यालय पर किया गया, जहां उपस्थित लोगों ने आचार्य चाणक्य की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।
कार्यक्रम में संस्था प्रमुख एवं अध्यक्ष समाजसेवी कुलदीप पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि आचार्य चाणक्य केवल एक शिक्षक या नीति विशेषज्ञ नहीं, बल्कि दूरदर्शी राष्ट्र निर्माता थे, जिनकी विचारधारा आज भी समाज और व्यवस्था को नई दिशा देने की क्षमता रखती है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज का इतिहास ज्ञान, संस्कृति, सभ्यता और मानवता की रक्षा से जुड़ा रहा है, लेकिन वर्तमान समय में समाज को मजबूती देने के लिए केवल नाममात्र के संगठन नहीं, बल्कि सकारात्मक सोच, आपसी सहयोग और मजबूत सामाजिक सहभागिता की आवश्यकता है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समाज की असली ताकत उसकी एकजुटता, जिम्मेदारी और सामूहिक चेतना में छिपी होती है। यदि समाज अपने मूल्यों, संस्कारों और दायित्वों को लेकर सजग रहेगा, तो सम्मान और विकास दोनों सुनिश्चित होंगे।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने आचार्य चाणक्य के जीवन दर्शन, कूटनीति, शिक्षा और राष्ट्रहित से जुड़े विचारों पर प्रकाश डालते हुए नई पीढ़ी से उनके आदर्शों को आत्मसात करने की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि महापुरुषों की जयंती केवल औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि उनके विचारों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम होती है।
कार्यक्रम में सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और समाज हित में संगठित प्रयासों का संकल्प भी लिया गया। आयोजन ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि विचारों की शक्ति और समाज की एकता ही भविष्य के मजबूत निर्माण की आधारशिला है।
