

वैदिक मंत्रों, शंखनाद और संतों के आशीर्वाद के बीच सिधुआ स्थान को मिला नया आध्यात्मिक नेतृत्व
विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर से विशेष संवाददाता
कुशीनगर। पडरौना नगर सीमा से सटे प्राचीन धार्मिक धाम सिधुआ स्थान में सोमवार को ऐसा आध्यात्मिक दृश्य देखने को मिला जिसने श्रद्धा, परंपरा और सनातन संस्कृति की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत कर दी। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि, हर-हर महादेव के जयघोष और संत-महात्माओं के दिव्य सानिध्य के बीच सिधुआ पीठ को उसका नया उत्तराधिकारी मिल गया। वर्तमान महंत योगेश्वरनाथ जी ने अपने पुत्र राजनाथ जी को विधिवत चादर ओढ़ाकर, आशीर्वाद देकर और परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ गद्दी पर आसीन कराया।
इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने के लिए क्षेत्र ही नहीं बल्कि दूर-दराज इलाकों से पहुंचे श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरा सिधुआ स्थान आध्यात्मिक ऊर्जा, भक्ति और उल्लास से सराबोर दिखाई दिया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो सदियों पुरानी सनातन परंपरा का एक नया अध्याय लिखा जा रहा हो।

उत्तराधिकार समारोह में अनेक प्रतिष्ठित मठों, मंदिरों और आश्रमों से पहुंचे महंतों, साधु-संतों एवं धर्माचार्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही। वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुई इस रस्म ने सिधुआ स्थान की धार्मिक परंपरा को नई मजबूती प्रदान की। नवनियुक्त महंत राजनाथ जी को संतों ने तिलक लगाकर अंगवस्त्र भेंट किया तथा उनके सफल, तेजस्वी और जनकल्याणकारी आध्यात्मिक नेतृत्व की कामना की।
समारोह के दौरान भक्तों के चेहरे पर उत्साह साफ झलक रहा था। श्रद्धालुओं ने इसे केवल गद्दी हस्तांतरण नहीं, बल्कि धर्म, परंपरा और गुरु-शिष्य मर्यादा के संरक्षण का महत्वपूर्ण क्षण बताया।
आज बाबा सिद्धनाथ के वार्षिकोत्सव में जुटेंगे हजारों श्रद्धालु, भंडारे की भव्य तैयारी
धार्मिक मान्यताओं और लोक आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका सिधुआ स्थान वर्षों से क्षेत्र की सांस्कृतिक चेतना का ध्वजवाहक रहा है। यहां प्रतिवर्ष 2 जून को मनाया जाने वाला बाबा सिद्धनाथ का वार्षिकोत्सव पूरे इलाके के लिए किसी महापर्व से कम नहीं माना जाता। परंपरा के अनुसार एक दिन पूर्व आयोजित होने वाला अखंड भजन-कीर्तन वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना देता है।
महंत योगेश्वरनाथ जी ने जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार को बाबा सिद्धनाथ जी का भव्य वार्षिकोत्सव एवं विशाल भंडारा आयोजित किया गया है, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।
कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे संत-महात्माओं ने भी नवनियुक्त महंत राजनाथ जी को शुभाशीष प्रदान किया। इस अवसर पर बगही कुटी के विशम्भर दास महाराज, अयोध्या के बालकदास महाराज, पत्थलेश्वरनाथ स्थान के महंत सतेंद्रगिरी, राम जानकी मंदिर कसया के रामनयन दास रामायणी, महंत रामबालक दास त्यागी, महंत दीपकनाथ, श्री दास महाराज सहित अनेक संतों ने नये उत्तराधिकारी के उज्ज्वल भविष्य, आध्यात्मिक उन्नति और धर्मसेवा की मंगलकामना की।
सिधुआ स्थान में चल रही तैयारियों और श्रद्धालुओं के बढ़ते उत्साह को देखकर साफ है कि इस बार का वार्षिकोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और सनातन संस्कृति की विराट अभिव्यक्ति बनने जा रहा है। पूरा क्षेत्र बाबा सिद्धनाथ के जयघोष से गूंजने को तैयार है और श्रद्धालुओं की निगाहें आज होने वाले भव्य आयोजन पर टिकी हुई
