
विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर से विशेष संवाददाता
कुशीनगर। जहां एक तरफ शिक्षा व्यवस्था को लेकर आए दिन सवाल उठते रहते हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ युवा अपनी मेहनत के दम पर ऐसा जवाब देते हैं कि तमाम बहाने, संसाधनों की कमी और सिस्टम की शिकायतें फीकी पड़ जाती हैं। कुशीनगर के कसया तहसील के होनहार छात्र उज्ज्वल तिवारी ने आईआईटी जेईई एडवांस्ड 2026 में ऑल इंडिया रैंक 853 हासिल कर जिले को राष्ट्रीय मानचित्र पर नई पहचान दिला दी है।
ग्राम प्रधान रानी तिवारी एवं विजय तिवारी के पुत्र उज्ज्वल की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि सफलता किसी सरकारी घोषणा की मोहताज नहीं होती, वह मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास की प्रयोगशाला में तैयार होती है। परिणाम घोषित होते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई, तो वहीं कसया सहित जिले के कई इलाकों में बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया। घर का माहौल किसी छोटे उत्सव से कम नहीं दिखा।
उज्ज्वल की सफलता के पीछे सिर्फ किताबों का संघर्ष नहीं, बल्कि परिवार का मजबूत संबल और वर्षों की निरंतर तैयारी भी रही। उन्होंने अपनी उपलब्धि का श्रेय बड़े भाई एडवोकेट ऋषभ तिवारी, दादा रमाशंकर तिवारी तथा परिवार के अन्य सदस्यों के मार्गदर्शन और प्रोत्साहन को दिया।
शैक्षणिक सफर भी कम प्रेरणादायक नहीं रहा। कसया के हेरिटेज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल से शुरुआती पढ़ाई करने वाले उज्ज्वल ने आगे की तैयारी के लिए गोरखपुर के मोमेंटम कोचिंग संस्थान का रुख किया और वहां से अपने सपनों को उड़ान दी। छह भाइयों में सबसे छोटे उज्ज्वल ने साफ शब्दों में कहा कि उन्होंने परिणाम नहीं, बल्कि तैयारी और लगातार सुधार को अपना लक्ष्य बनाया।
उज्ज्वल की यह उपलब्धि उन युवाओं के लिए संदेश है जो परिस्थितियों को अपनी कमजोरी मान बैठते हैं। कुशीनगर का यह बेटा बता गया कि जब इरादे मजबूत हों तो छोटे शहरों से भी बड़े सपनों की नींव रखी जा सकती है।
