
विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर से विशेष संवाददाता
कसया, कुशीनगर। जनपद के कसया थाना क्षेत्र स्थित भलुही मदारीपट्टी गांव में भूमि विवाद को लेकर एक बार फिर तनाव गहरा गया है। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि न्यायालय द्वारा यथास्थिति बनाए रखने का स्पष्ट आदेश दिए जाने के बावजूद विपक्षी पक्ष ने विवादित भूमि पर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया, विरोध करने पर मारपीट, तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी तक दी गई। इतना ही नहीं, पीड़ित का आरोप है कि उसकी तहरीर पर अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया, जबकि विपक्षी पक्ष की एफआईआर तत्काल दर्ज कर ली गई।
पीड़ित ने उच्चाधिकारियों को दिए प्रार्थना पत्र में बताया है कि उसकी पत्नी असरूननिशा के नाम दर्ज भूमि को लेकर सिविल वाद संख्या 07/2025 माननीय न्यायालय सिविल जज (सीनियर डिवीजन) कसया में विचाराधीन है। न्यायालय ने 30 मार्च 2026 को वाद के अंतिम निस्तारण तक दोनों पक्षों को विवादित भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था।
आरोप है कि 30 अप्रैल 2026 की सुबह विपक्षी युनूस खान और उसके सहयोगी कथित रूप से विवादित भूमि पर पहुंचकर तोड़फोड़ तथा खाली जमीन पर जबरन कब्जे की कार्रवाई करने लगे। विरोध करने पर पीड़ित दंपति के साथ मारपीट की गई। प्रार्थना पत्र के अनुसार लोहे की रॉड से किए गए हमले में पीड़ित का दांत टूट गया। सूचना पर पहुंचे परिजनों के साथ भी कथित रूप से मारपीट और वाहन में तोड़फोड़ की गई।
पीड़ित का कहना है कि उसने तत्काल डायल-112 पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने जाने की सलाह दी। घायल पक्ष ने चिकित्सीय परीक्षण भी कराया, लेकिन आरोप है कि कई बार थाने और अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद उसकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
अब पीड़ित ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर मुकदमा दर्ज कराने तथा न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
