
विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर। अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर को लेकर एक बार फिर सियासत का पारा चढ़ गया है। इस बार विवाद मंदिर निर्माण नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे को लेकर उठे आरोपों पर केंद्रित हो गया है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो और राजनीतिक बयानों ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय बहस का विषय बना दिया है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा श्रद्धालुओं के चढ़ावे की रकम में कथित हेराफेरी को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाने के बाद आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भी मोर्चा खोल दिया है। वायरल वीडियो में उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा कि दान राशि को लेकर उठे आरोपों पर ट्रस्ट न तो स्पष्ट जवाब दे पा रहा है और न ही प्रभावी ढंग से आरोपों का खंडन कर पा रहा है।
संजय सिंह ने कहा कि, “मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के नाम पर चंदे की चोरी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती। यदि आरोप गलत हैं तो ट्रस्ट को पारदर्शी तरीके से पूरी सच्चाई देश के सामने रखनी चाहिए।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और विपक्षी दल लगातार जवाब मांग रहे हैं।
उधर, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और पोस्टों ने आम लोगों के बीच भी चर्चा का माहौल बना दिया है। समर्थक और विरोधी अपने-अपने तर्कों के साथ मैदान में उतर आए हैं। आरोपों की सरयू अब सियासी उफान पर है, जबकि स्पष्टीकरण का बांध दबाव में नजर आ रहा है।
हालांकि, अब तक इन आरोपों को लेकर कोई आधिकारिक जांच या पुष्ट निष्कर्ष सामने नहीं आया है। लेकिन इतना तय है कि राम मंदिर जैसा आस्था का केंद्र जब राजनीतिक बहस के केंद्र में आता है, तो उसकी गूंज दिल्ली से लेकर अयोध्या तक सुनाई देती है। आने वाले दिनों में यह विवाद और तूल पकड़ सकता है तथा सभी की निगाहें संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं।
