
कुशीनगर, 13 जून (विलेज फास्ट टाइम्स)। जनहित से जुड़े मामलों में लापरवाही और सेवा अनुशासनहीनता के खिलाफ कुशीनगर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए संयुक्त जिला चिकित्सालय में तैनात चिकित्साधिकारी डॉ. दीन मोहम्मद के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेज दी है। जनता दर्शन में प्राप्त शिकायत की जांच के बाद सामने आए तथ्यों ने स्वास्थ्य विभाग में हलचल मचा दी है।
जिलाधिकारी महेन्द्र सिंह तंवर ने बताया कि शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उप जिलाधिकारी पडरौना, क्षेत्राधिकारी पडरौना, औषधि निरीक्षक तथा प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक की संयुक्त टीम गठित कर जांच कराई गई। जांच के दौरान चिकित्साधिकारी के सरकारी आवास पर विभिन्न प्रकार की औषधियां बरामद हुईं। सबसे अहम बात यह रही कि इन दवाओं के संबंध में कोई वैध अभिलेख, स्टॉक रजिस्टर अथवा अधिकृत प्राधिकार पत्र प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
जांच में मिली अनियमितताओं को देखते हुए औषधि निरीक्षक ने बरामद दवाओं को ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की प्रासंगिक धाराओं के तहत अपने कब्जे में लेते हुए अलग से विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस घटनाक्रम ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर सरकारी आवास में इतनी मात्रा में दवाएं किस उद्देश्य से रखी गई थीं।
मामले को और गंभीर बनाते हुए एक मरीज के अभिभावक ने लिखित बयान में बताया कि संबंधित चिकित्सक अपने सरकारी आवास पर मरीजों का उपचार करते थे और वहीं से दवाएं भी उपलब्ध कराई जाती थीं। संयुक्त जांच टीम द्वारा उपलब्ध कराए गए तथ्यों और अभिलेखों के आधार पर प्रथम दृष्टया यह संभावना व्यक्त की गई है कि सरकारी आवास से निजी चिकित्सकीय गतिविधियों का संचालन किया जा रहा था।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि जांच में आरोप सत्य सिद्ध होते हैं तो यह न केवल सरकारी सेवक आचरण नियमावली का उल्लंघन होगा बल्कि चिकित्सा सेवा की गरिमा और नैतिक मानकों के भी विपरीत माना जाएगा। इसी आधार पर महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, उत्तर प्रदेश, लखनऊ को विस्तृत विभागीय जांच कराकर आवश्यक अनुशासनात्मक एवं दण्डात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए पत्र भेजा गया है।
जिलाधिकारी महेन्द्र सिंह तंवर ने दो टूक कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनहित से जुड़े मामलों में पारदर्शिता, जवाबदेही और सेवा अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर अनियमितता, पद के दुरुपयोग अथवा नियमों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का क्रम आगे भी जारी रहेगा।
