
दुदही, कुशीनगर। विलेज फास्ट टाइम्स से विशेष संवाददाता।
कुशीनगर जनपद के दुदही क्षेत्र अंतर्गत **कैप ओला दुबौली स्थित लंगड़ा दास शिव-पार्वती मंदिर की भूमि को लेकर चल रहा विवाद आखिरकार पांच दिवसीय धरना प्रदर्शन के बाद निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया। मंदिर की भूमि पर कथित कब्जे के विरोध में लगातार पांच दिनों से जारी आंदोलन के पांचवें दिन विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर अपनी आवाज बुलंद की। संगठन के दबाव और धरना प्रदर्शन के बाद संबंधित व्यक्ति द्वारिका प्रसाद द्वारा मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में लिखित रूप से यह आश्वासन दिए जाने का दावा किया गया कि सोमवार को बैठकर संबंधित भूमि को मंदिर के नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
पांच दिनों से चल रहे धरना प्रदर्शन में मंदिर की भूमि की सुरक्षा और उसे विधिवत मंदिर के नाम दर्ज कराने की मांग प्रमुखता से उठाई जा रही थी। पांचवें दिन आंदोलन उस समय और तेज हो गया, जब विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल की टीम धरना स्थल पर पहुंची। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मंदिर की भूमि को लेकर किसी भी प्रकार की अस्पष्टता अब स्वीकार नहीं की जाएगी और धार्मिक स्थल की संपत्ति का अधिकार विधिवत सुरक्षित किया जाना चाहिए।
धरना स्थल पर हुई बातचीत के बाद द्वारिका प्रसाद मौके पर पहुंचे। मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में उन्होंने लिखित आश्वासन दिया कि सोमवार को संबंधित पक्षों के साथ बैठकर मंदिर की भूमि को मंदिर के नाम करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इस लिखित आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों में संतोष दिखाई दिया, हालांकि सभी की निगाहें अब सोमवार को होने वाली कार्रवाई और आश्वासन के वास्तविक क्रियान्वयन पर टिकी हैं।
विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि देर से ही सही, मंदिर की भूमि को मंदिर के नाम करने की दिशा में सकारात्मक पहल हुई है। संगठन ने द्वारिका प्रसाद को इस निर्णय के लिए धन्यवाद भी दिया। वहीं बजरंग दल के दुदही नगर संयोजक राजन ब्याहुत की ओर से इस पुनीत कार्य के लिए द्वारिका प्रसाद को सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है।
मौके पर विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री सुरेंद्र सिंह, बजरंग दल के प्रखंड संयोजक अर्पित राय, सहसंयोजक राजन सिंह, गौ रक्षक प्रमुख मुकेश गुप्ता, अंकुश कुशवाहा, साप्ताहिक मिलन प्रमुख विवेक कुशवाहा, अनिल सिंह, आकाश, ध्रुव सागर, अजय कुमार गुप्ता, सुजीत कुशवाहा, राजू शर्मा, रजनीश सहित बड़ी संख्या में युवा साथी एवं सनातन समाज के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि मंदिर, मठ और अन्य धार्मिक स्थलों की भूमि की सुरक्षा केवल किसी एक व्यक्ति या संगठन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाई जाएगी तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन के समक्ष मजबूती से पक्ष रखा जाएगा।
अब बड़ा सवाल यह है कि पांच दिन के आंदोलन के बाद मिला लिखित आश्वासन सोमवार को जमीन पर कितना उतरता है। मंदिर की भूमि वास्तव में मंदिर के नाम दर्ज होती है या मामला फिर कागजी आश्वासनों में उलझता है—इस पर पूरे क्षेत्र की नजर बनी हुई है।
हर-हर महादेव 🚩 | जय श्रीराम 🚩
विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर — गांव की बात, हर दिल के साथ।
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