
उपनिरीक्षक भवानी प्रसाद पाण्डेय की मौत से पुलिस महकमे में पसरा मातम, शहीद स्मारक पर दी गई अंतिम सलामी; सड़क सुरक्षा और पुलिसकर्मियों की कार्य-परिस्थितियों पर उठे गंभीर सवाल
विलेज फास्ट टाइम्स | कुशीनगर से विशेष संवाददाता मुन्ना अंसारी
कुशीनगर। सड़क पर दौड़ते वाहन कब किसी परिवार की खुशियां छीन लें, इसका अंदाजा शायद उस परिवार से बेहतर कोई नहीं लगा सकता, जिसने सोमवार को अपना एक अपना खो दिया। रविन्द्र नगर थाना क्षेत्र के बाइपास मार्ग पर तेज रफ्तार अज्ञात वाहन की टक्कर ने पुलिस विभाग के एक कर्मठ उपनिरीक्षक की जिंदगी छीन ली। सेवरही थाने पर तैनात उपनिरीक्षक भवानी प्रसाद पाण्डेय की असामयिक मौत की खबर जैसे ही पुलिस महकमे तक पहुंची, विभाग में शोक की लहर दौड़ गई।
वर्दी पहनकर कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाला पुलिसकर्मी दूसरों की सुरक्षा के लिए सड़कों पर उतरता है, लेकिन उसी सड़क ने एक पुलिस अधिकारी को ऐसी चोट दी कि जिंदगी और मौत के बीच की दूरी हमेशा के लिए खत्म हो गई। यह हादसा केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि उस परिवार के लिए जिंदगी भर का खालीपन है, जिसने अपने सदस्य को वर्दी में देश-समाज की सेवा करते देखा था।
शहीद स्मारक पर नम आंखों से अंतिम सलामी
07 सितंबर 2026 को जनपद पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक पर दिवंगत उपनिरीक्षक भवानी प्रसाद पाण्डेय को पुलिस परिवार की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पुलिस अधीक्षक कुशीनगर श्री केशव कुमार सहित पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने शोक सलामी देकर दिवंगत अधिकारी को अंतिम विदाई दी।
पुलिसकर्मियों ने शव को कंधा दिया तो माहौल गमगीन हो उठा। जिन कंधों पर कानून-व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी होती है, उन्हीं कंधों ने आज अपने साथी को अंतिम सफर पर विदा किया। पुलिस अधीक्षक ने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढाढ़स बंधाया और भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में पूरा पुलिस परिवार उनके साथ खड़ा है।
एक टक्कर और परिवार की दुनिया बदल गई
बताया जा रहा है कि उपनिरीक्षक भवानी प्रसाद पाण्डेय बाइपास मार्ग से गुजर रहे थे। इसी दौरान अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि वह बुरी तरह घायल हो गए। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और उपचार व आवश्यक कार्रवाई की गई, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर वह अज्ञात वाहन कहां गया? क्या चालक ने हादसे के बाद रुककर घायल की मदद की या इंसानियत को सड़क पर ही छोड़कर फरार हो गया? पुलिस अब वाहन और चालक की तलाश में जुटी है। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य साक्ष्यों को खंगालकर वाहन की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
सड़क सुरक्षा पर सवाल, कब सुधरेंगे बाइपास के हालात?
बाइपास और हाईवे जैसी सड़कों पर तेज रफ्तार वाहनों का आतंक कोई नई बात नहीं है। लेकिन जब इन्हीं सड़कों पर कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाला पुलिसकर्मी अपनी जान गंवा दे, तो सवाल और गंभीर हो जाता है। आखिर सड़क सुरक्षा के नियम कागजों और अभियानों से निकलकर जमीन पर कब दिखाई देंगे?
सड़क पर रफ्तार का जुनून अगर किसी की जिंदगी का अंत बन जाए तो सिर्फ हादसा कहकर जिम्मेदारी खत्म कर देना आसान है, लेकिन असली सवाल दुर्घटनाओं को रोकने की व्यवस्था का है। जरूरत इस बात की है कि ऐसे संवेदनशील मार्गों पर निगरानी, प्रकाश व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और तेज रफ्तार वाहनों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई को और मजबूत किया जाए।
8 घंटे की ड्यूटी का दावा और जमीनी हकीकत
उपनिरीक्षक की मौत ने पुलिसकर्मियों की कार्य-परिस्थितियों को लेकर भी बहस छेड़ दी है। शासन और पुलिस मुख्यालय स्तर पर पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता, मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 8-8 घंटे की पाली व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है। लेकिन जमीनी हकीकत में सीमित पुलिस बल, वीआईपी ड्यूटी, त्योहार, कानून-व्यवस्था और अचानक पैदा होने वाली परिस्थितियां पुलिसकर्मियों से लंबी ड्यूटी लेने की मजबूरी पैदा करती हैं।
हालांकि इस हादसे को सीधे ड्यूटी के घंटों से जोड़ना अभी उचित नहीं होगा। दुर्घटना की वास्तविक वजह जांच के बाद ही सामने आएगी। लेकिन यह घटना इतना जरूर पूछती है कि जो पुलिसकर्मी चौबीसों घंटे जनता की सुरक्षा के लिए तैयार रहता है, उसकी अपनी सुरक्षा और विश्राम को व्यवस्था कितनी गंभीरता से देखती है?
श्रद्धांजलि के साथ व्यवस्था के नाम एक सवाल
भवानी प्रसाद पाण्डेय अब लौटकर नहीं आएंगे। पुलिस लाइन में दी गई सलामी और नम आंखों की श्रद्धांजलि उनके प्रति सम्मान है, लेकिन सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए व्यवस्था जमीन पर ठोस कदम उठाए।वर्दीधारी की मौत पर कुछ देर का मातम काफी नहीं—सड़क सुरक्षा, जवाबदेही और पुलिसकर्मियों की सुरक्षित कार्य-परिस्थितियों पर स्थायी व्यवस्था जरूरी है।
विलेज फास्ट टाइम्स परिवार दिवंगत उपनिरीक्षक भवानी प्रसाद पाण्डेय को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार को इस असहनीय पीड़ा को सहन करने की शक्ति दें।
