
श्रीराम-जानकी मंदिर परिसर बना आस्था, संगठन और सामाजिक चेतना का केंद्र; सैकड़ों सनातनी भाई-बहनों की मौजूदगी ने बढ़ाया आयोजन का गौरव
विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर | विशेष संवाददाता
कुशीनगर। सनातन संस्कृति की चेतना, सामाजिक एकजुटता और संगठनात्मक मजबूती का जबरदस्त नजारा शुक्रवार को दुदही प्रखंड क्षेत्र में देखने को मिला। विश्व हिन्दू परिषद के स्थापना दिवस के अवसर पर श्रीराम-जानकी मंदिर, सुराजी बाजार के पावन प्रांगण में आयोजित भव्य समारोह ने पूरे क्षेत्र में उत्साह और ऊर्जा का संचार कर दिया। विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल, मातृशक्ति एवं दुर्गा वाहिनी के कार्यकर्ताओं के साथ सैकड़ों सनातनी भाई, माताएं और बहनें कार्यक्रम में शामिल हुए और आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।
मंदिर परिसर में सुबह से ही धार्मिक एवं संगठनात्मक वातावरण देखने को मिला। बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि समाज के बीच संगठन, सेवा, संस्कृति और सामाजिक एकता के विषयों को लेकर व्यापक जागरूकता मौजूद है। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने सनातन मूल्यों की रक्षा, सामाजिक सद्भाव, संगठन की मजबूती और जनजागरण की आवश्यकता पर प्रभावशाली ढंग से अपने विचार रखे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीराम-जानकी मंदिर के पूज्य महंत श्री हरिशंकर दास जी महाराज ने की। उनके प्रेरक सान्निध्य में आयोजित समारोह में संगठन की भूमिका और समाज के प्रति सामूहिक जिम्मेदारियों पर गंभीर चर्चा हुई। महंत श्री हरिशंकर दास जी ने समाज के सामने उत्पन्न होने वाली चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी समाज की सबसे बड़ी शक्ति उसकी जागरूकता, एकता और अपने मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता होती है। उन्होंने समाज से सजग, संगठित और सकारात्मक रहते हुए सामाजिक मजबूती की दिशा में निरंतर कार्य करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्व हिन्दू परिषद के जिला अध्यक्ष श्री मुकेश जी ने विश्व हिन्दू परिषद की स्थापना के उद्देश्य, संगठन के कार्यक्रमों और भावी लक्ष्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संगठन की शक्ति केवल उसके पदाधिकारियों में नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक जागरूक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी और सेवा भावना में निहित होती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे संगठन के मूल उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने के साथ ही समाजहित और राष्ट्रहित में अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाएं।
उन्होंने संगठनात्मक विस्तार और सामाजिक सहभागिता पर जोर देते हुए कहा कि जब समाज एकजुट होकर सकारात्मक दिशा में कार्य करता है, तब बड़े से बड़ा लक्ष्य भी प्राप्त किया जा सकता है। उनके संबोधन ने उपस्थित कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया और संगठनात्मक दायित्वों के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत किया।
समारोह में प्रखंड समिति और जिला समिति के कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। बजरंग दल, मातृशक्ति और दुर्गा वाहिनी से जुड़े कार्यकर्ताओं ने भी कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। क्षेत्र के सैकड़ों सनातनी भाई, माताएं और बहनें उपस्थित रहकर आयोजन की गरिमा बढ़ाते नजर आए।
दुदही प्रखंड के सुराजी बाजार स्थित श्रीराम-जानकी मंदिर में आयोजित यह समारोह केवल स्थापना दिवस का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, संगठनात्मक शक्ति और सांस्कृतिक चेतना के संकल्प का सशक्त मंच बनकर उभरा। कार्यक्रम में उमड़ी भारी भागीदारी ने यह संदेश दिया कि समाज में सेवा, संस्कार और संगठन की भावना को मजबूत बनाने के लिए लोग बड़ी संख्या में आगे आ रहे हैं।
अंततः विश्व हिन्दू परिषद स्थापना दिवस का यह भव्य आयोजन उत्साह, आस्था और संगठनात्मक संकल्प के साथ संपन्न हुआ। उपस्थित कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने सामाजिक एकजुटता, सेवा भावना तथा सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर सक्रिय रहने का संकल्प दोहराया।
दुदही से उठा संगठन और एकता का संदेश—सुराजी बाजार में जुटी भीड़ ने बना दिया विश्व हिन्दू परिषद स्थापना दिवस समारोह को यादगार।
— विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर | विशेष संवाददाता
