
डिजिटल जनगणना की सफलता प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर निर्भर, प्रशिक्षकों को जिम्मेदारी और गंभीरता से निभानी होगी भूमिका
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर से विशेष संवाददाता
कुशीनगर। देश की जनगणना जैसी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए प्रशिक्षण की गुणवत्ता और प्रशिक्षकों की जिम्मेदारी बेहद अहम है। इसी उद्देश्य को लेकर तमकुहीराज तहसील में आयोजित जनगणना प्रशिक्षण के तृतीय चरण में तहसीलदार संदीप सिंह ने प्रशिक्षकों को कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और गंभीरता के साथ कार्य करने का संदेश दिया।
प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए तहसीलदार संदीप सिंह ने स्पष्ट कहा कि जनगणना प्रशिक्षक अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी से करें, क्योंकि जनगणना कार्य की वास्तविक सफलता प्रशिक्षकों द्वारा दी जाने वाली जानकारी और प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षकों को प्रगणकों को इस तरह दक्ष बनाना होगा, जिससे वे जनगणना के दौरान अपने कार्यों को सटीकता, जिम्मेदारी और बेहतर समन्वय के साथ पूरा कर सकें।
उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया कि भारत में पहली बार डिजिटल जनगणना की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। ऐसे में तकनीकी प्रक्रियाओं की सही समझ, निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन और प्रशिक्षण के दौरान गंभीरता बरतना अत्यंत आवश्यक है। प्रशिक्षकों की छोटी-सी लापरवाही भी आगे जनगणना कार्य की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है।
तहसीलदार ने प्रशिक्षण को महज औपचारिकता न मानते हुए इसे राष्ट्रीय दायित्व की मजबूत आधारशिला बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशिक्षक पूरी तत्परता से अपनी जिम्मेदारियां निभाकर जनगणना अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
इस अवसर पर रविशंकर सिंह, रामचंद्र प्रसाद, रामाशीष यादव, वकील यादव, आलोक कुमार पाण्डेय, ओमप्रकाश सिंह, विनोद गौतम, प्रभु यादव, आशुतोष मिश्र, नुरूल हक, नंदकिशोर सिंह, रामेश्वर यादव, विनोद प्रसाद व्यास, ध्रुव प्रसाद सहित अन्य प्रशिक्षक एवं संबंधित कर्मी मौजूद रहे।
राष्ट्रीय जनगणना की सफलता का आधार प्रशिक्षकों की दक्षता, ईमानदारी और जिम्मेदार कार्यशैली है।
