
तमकुहीराज/कुशीनगर। (विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर
से विशेष संवाददाता)
कुशीनगर जनपद के तहसील तमकुहीराज क्षेत्र के ग्राम सभा ठाड़ीभार में सार्वजनिक रास्ते को लेकर उठे विवाद ने अब प्रशासनिक चौखट से आगे बढ़कर मुख्यमंत्री कार्यालय तक दस्तक दे दी है। ग्रामीणों की ओर से लगाए गए आरोपों ने राजस्व व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतकर्ता टीपू सुल्तान पुत्र हैदर अली, निवासी ग्राम बांसगांव, टोला सरगटिया ने मुख्यमंत्री को प्रार्थना-पत्र भेजकर कथित अवैध कब्जे की जांच और रास्ते को कब्जामुक्त कराने की मांग की है।
शिकायत में दावा किया गया है कि ग्राम सभा ठाड़ीभार की आराजी संख्या 1754 राजस्व अभिलेखों में सार्वजनिक रास्ते के रूप में दर्ज है। आरोप है कि इस भूमि पर मोहम्मद इलियास अंसारी द्वारा कथित रूप से कब्जा कर लिया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार रास्ते पर अवरोध के चलते ग्रामीणों, राहगीरों और आम नागरिकों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब किसी भूमि का दर्जा सार्वजनिक रास्ते के रूप में राजस्व अभिलेखों में दर्ज होने का दावा किया जा रहा है, तो आखिर मौके पर स्थिति क्या है? क्या अभिलेख और जमीन की हकीकत एक-दूसरे से मेल खाती है? और यदि रास्ते पर वास्तव में कब्जा है, तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों की नजर अब तक वहां क्यों नहीं पहुंची?
शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष एवं स्थलीय जांच कराई जाए। राजस्व अधिकारियों से आराजी संख्या 1754 की पैमाइश और सीमांकन कराया जाए तथा जांच में यदि अवैध कब्जा प्रमाणित होता है तो नियमानुसार उसे हटाकर सार्वजनिक रास्ते को आमजन के लिए मुक्त कराया जाए।
मामला केवल एक रास्ते का नहीं, बल्कि सार्वजनिक भूमि की सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही से भी जुड़ा है। क्योंकि सरकारी अभिलेखों में दर्ज सार्वजनिक रास्ते यदि मौके पर धीरे-धीरे कब्जे की जद में आते रहें और शिकायतों के बाद भी कार्रवाई सवालों के घेरे में रहे, तो फिर आम आदमी किस व्यवस्था पर भरोसा करे?
प्रार्थना-पत्र की प्रतिलिपि जिलाधिकारी कुशीनगर, उपजिलाधिकारी तमकुहीराज, तहसीलदार तमकुहीराज समेत संबंधित अधिकारियों को भी दी गई है। अब निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
कटाक्ष यही है—रास्ता जनता का है तो रास्ता खुलना भी चाहिए; सवाल सिर्फ इतना है कि प्रशासन नक्शे और कागजों से बाहर निकलकर जमीन पर कब पहुंचेगा? हालांकि आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी, लेकिन शिकायत ने राजस्व विभाग के सामने एक सीधा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है—सार्वजनिक रास्ता कब्जामुक्त होगा या फिर कार्रवाई की फाइल भी रास्ता खोजती रह जाएगी?
विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर — सच्चाई की आवाज़, गाँव से शहर तक।
