


विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर
विशेष संवाददाता
कुशीनगर, 28 जून। मोहर्रम के दौरान ध्वनि प्रदूषण और डीजे संचालन को लेकर प्रशासन द्वारा जारी सख्त निर्देशों की अनदेखी करना कई लोगों को भारी पड़ गया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जनपद भर में चलाए गए विशेष अभियान के तहत ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम-2000 तथा पर्यावरण संरक्षण अधिनियम-1986 का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 62 लोगों के विरुद्ध विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय के वर्ष 2005 तथा उच्च न्यायालय के वर्ष 2017 के आदेशों के अनुपालन में जनपद में डीजे एवं लाउडस्पीकर की आवाज निर्धारित मानकों के भीतर रखने के स्पष्ट निर्देश पहले ही जारी किए गए थे। इसके बावजूद मोहर्रम के जुलूसों और ताजिया कार्यक्रमों में कई स्थानों पर नियमों की खुलेआम अवहेलना की गई। शिकायत और पुलिस की निगरानी के बाद संबंधित मामलों में तत्काल कार्रवाई करते हुए अभियोग पंजीकृत किए गए।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 126(2), 223, 292, 293, ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम-2000 की धारा 6(1) तथा पर्यावरण संरक्षण अधिनियम-1986 की धारा 15(1) के तहत विधिक कार्रवाई की जा रही है।
कार्रवाई का दायरा पूरे जनपद में रहा। कोतवाली कसया, कोतवाली पडरौना, जटहां बाजार, कप्तानगंज, कोतवाली हाटा, अहिरौली बाजार, पटहेरवा, बरवापट्टी, तमकुहीराज, चौराखास, तरया सुजान, सेवरही, खड्डा, नेबुआ नौरंगिया और हनुमानगंज सहित विभिन्न थाना क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन करने वालों को चिन्हित कर मुकदमे दर्ज किए गए। कई स्थानों पर डीजे संचालकों और आयोजकों को भी कार्रवाई के दायरे में लिया गया।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक आयोजन पूरी श्रद्धा और परंपरा के साथ मनाए जाएं, लेकिन कानून और न्यायालय के आदेशों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। ध्वनि प्रदूषण फैलाने, निर्धारित सीमा से अधिक आवाज में डीजे बजाने अथवा प्रशासनिक निर्देशों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध आगे भी इसी तरह कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रशासन ने जनपदवासियों से अपील की है कि सभी धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में नियमों का पालन करें। यदि भविष्य में कहीं भी ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित आयोजकों, डीजे संचालकों और जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध बिना किसी चेतावनी के सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का संदेश साफ है—आस्था का सम्मान होगा, लेकिन कानून से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
