
विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर से विशेष संवाददाता
कुशीनगर, 06 मई 2026।
जनगणना–2027 को लेकर कुशीनगर में अब प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर के नेतृत्व में 07 से 21 मई तक चलने वाले स्व-गणना (Self Enumeration) अभियान को जनआंदोलन का रूप देने की जोरदार तैयारी की गई है। डीएम ने साफ शब्दों में कहा है—“हर नागरिक खुद अपनी गणना करे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करे, तभी यह अभियान सफल होगा।”
प्रशासन ने इस बार पारंपरिक तरीके से आगे बढ़ते हुए डिजिटल और जनसहभागिता आधारित मॉडल अपनाया है, जिससे हर घर तक पहुंच सुनिश्चित की जा सके। 06 मई तक जिले में व्यापक प्रचार-प्रसार का अभियान चलाया जा रहा है। जगह-जगह सेल्फी प्वाइंट, बैनर-पोस्टर और जागरूकता कार्यक्रमों से माहौल बनाया जा रहा है, ताकि लोग इस ऐतिहासिक प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भाग लें।
गांव से लेकर शहर तक, हर स्तर पर हलचल
ग्राम पंचायतों में प्रधान खुद स्व-गणना कर उदाहरण पेश करेंगे, वहीं शिक्षक, प्रधानाचार्य और छात्र जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए संदेश फैलाएंगे। स्कूलों में पेंटिंग, रंगोली और सभाओं के माध्यम से बच्चों को भी इस अभियान से जोड़ा जा रहा है, ताकि वे अपने परिवारों को प्रेरित कर सकें।
महिलाओं की भागीदारी पर खास जोर
आशा, आंगनबाड़ी और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को स्व-गणना पोर्टल का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि जब महिलाएं जुड़ेंगी, तो हर घर तक यह अभियान स्वतः पहुंच जाएगा।
डिजिटल इंडिया का असर—CSC बनेगा सहारा
सीएससी और जन सेवा केंद्रों को इस अभियान का मजबूत स्तंभ बनाया गया है। डिजिटल जानकारी से वंचित परिवारों को यहां पर विशेष सहायता दी जाएगी, खासकर दूरदराज और झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों में।
व्यापारिक प्रतिष्ठानों की भी जिम्मेदारी तय
कोटेदार, गैस एजेंसी, पेट्रोल पंप और बाजारों को भी इस मुहिम में शामिल किया गया है। निर्देश है कि वे अपने यहां आने वाले हर व्यक्ति को स्व-गणना के लिए प्रेरित करें।
प्रशासन की सख्त निगरानी
तहसील और ब्लॉक स्तर पर अधिकारियों को निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। 02 से 06 मई के बीच खुली बैठकों के जरिए माहौल बनाया गया है, और अब 07 मई से यह अभियान पूरी रफ्तार पकड़ेगा।
डीएम ने स्पष्ट कहा है कि यह सिर्फ सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने अपील की—“स्व-गणना करें, देश निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएं।”
कुशीनगर में जिस तरह प्रशासन और आमजन मिलकर इस अभियान को आगे बढ़ाने में जुटे हैं, उससे साफ है कि इस बार जनगणना केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जनभागीदारी का एक नया अध्याय लिखेगी।
