
विलेज फास्ट टाइम्स | कुशीनगर से विशेष संवाददाता
कुशीनगर के लाखों निर्माण श्रमिकों के लिए रोजगार की राह अब और आसान होने जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार एवं उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड ने श्रमिकों को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए “डिजिटल लेबर चौक” मोबाइल ऐप की शुरुआत की है। इस नई व्यवस्था के जरिए अब राजमिस्त्री, बेलदार, बढ़ई, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, पेंटर, वेल्डर, हेल्पर समेत निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिकों को काम की तलाश में लेबर चौक पर घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी अलंकृता उपाध्याय ने बताया कि यह ऐप श्रमिकों और बिल्डरों, ठेकेदारों, निर्माण एजेंसियों तथा अन्य नियोजकों के बीच एक डिजिटल पुल का कार्य करेगा। श्रमिक अपने मोबाइल से ही अपना पंजीकरण कर कौशल, अनुभव, कार्य इतिहास और उपलब्धता दर्ज कर सकेंगे। वहीं नियोजक अपनी आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षित और पंजीकृत श्रमिकों का चयन कर सीधे संपर्क स्थापित कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि जनपद कुशीनगर के लगभग 2.43 लाख निर्माण श्रमिक इस महत्वाकांक्षी पहल से लाभान्वित होंगे। ऐप में जीपीएस आधारित सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे श्रमिकों को अपने आसपास उपलब्ध रोजगार के अवसरों की जानकारी मिलेगी और वे ऑनलाइन आवेदन भी कर सकेंगे। इससे रोजगार प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और सुविधाजनक बनेगी।
इसी अभियान के तहत सोमवार को पडरौना और कसया लेबर चौक पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अधिकारियों ने श्रमिकों को ऐप की उपयोगिता, पंजीकरण प्रक्रिया और रोजगार से मिलने वाले लाभों की विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान श्रमिक अमित सिंह, गणेश और सुनील कुमार का मौके पर ही डिजिटल लेबर चौक ऐप पर पंजीकरण कराया गया।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने सभी निर्माण श्रमिकों, बिल्डरों, ठेकेदारों, उद्योग प्रतिष्ठानों, सरकारी एवं अर्धसरकारी विभागों तथा स्थानीय निकायों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में ऐप पर पंजीकरण कर डिजिटल व्यवस्था का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म केवल रोजगार दिलाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराएगा।
कार्यक्रम में सहायक लेखाकार संदीप मल्ल, वरिष्ठ सहायक रमेश राम सहित विभाग के अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
