

20 जून तक हर हाल में पूरे हों सुरक्षा कार्य, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
06 जून, विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर
मानसून की दस्तक से पहले कुशीनगर प्रशासन बाढ़ सुरक्षा को लेकर सक्रिय नजर आ रहा है। वर्षों से बाढ़ की मार झेलने वाले खड्डा तहसील क्षेत्र के छितौनी तटबंध पर शनिवार को जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर और पुलिस अधीक्षक ने पहुंचकर सुरक्षा कार्यों की हकीकत परखी। हालांकि निरीक्षण के दौरान अधिकारियों की सख्ती जितनी दिखाई दी, उतने ही सवाल भी उठे कि आखिर हर साल बाढ़ से पहले ही तटबंधों की याद क्यों आती है?
डीएम ने ठोकर संख्या 8.650 एवं 12.700 (वीरभार) पर चल रहे मरम्मत, सुदृढ़ीकरण और कटानरोधी कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि बाढ़ सुरक्षा कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा और सभी कार्य 20 जून तक हर हाल में पूरे किए जाएं। अधिकारियों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही सीधे जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ मानी जाएगी।
निरीक्षण के दौरान तटबंध के संवेदनशील स्थलों, रैट होल तथा रेंकट सुरक्षा कार्यों की स्थिति भी देखी गई। डीएम ने निर्देश दिया कि कटान प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाए, क्योंकि बरसात शुरू होते ही छोटी सी चूक बड़े संकट का कारण बन सकती है। सवाल यह भी है कि जिन कमजोर स्थानों की पहचान आज हो रही है, उनकी स्थायी सुरक्षा व्यवस्था पहले क्यों नहीं सुनिश्चित की गई?
जिलाधिकारी ने बाढ़ चौकियों, राहत सामग्री, नावों की उपलब्धता और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि संभावित बाढ़ से निपटने के लिए सभी संसाधन पहले से तैयार और सक्रिय स्थिति में रहने चाहिए।
डीएम ने दो टूक कहा कि तटबंध सुरक्षा कार्यों में शिथिलता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का दावा है कि वह पूरी तरह तैयार है, लेकिन बाढ़ प्रभावित गांवों के लोग अब भी यही पूछ रहे हैं कि क्या इस बार तैयारी कागजों तक सीमित रहेगी या वास्तव में बाढ़ के पानी को रोकने में सफल होगी?
निरीक्षण के दौरान सिंचाई विभाग, तहसील प्रशासन तथा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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