
विलेज फास्ट टाइम्स न्यूज नेटवर्क, कुशीनगर। विशेष संवाददाता।
कुशीनगर जनपद के विशुनपुरा थाना क्षेत्र में अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भैंस खरीदवाने का झांसा देकर एक पशु व्यापारी को जंगल में ले जाकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट, लूटपाट और जान से मारने की धमकी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है, जबकि पुलिस की कार्यशैली एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है।
पीड़ित इकराम पुत्र वावु, निवासी ग्राम रोहेन्दा, थाना अरनिया, जनपद बुलन्दशहर ने विशुनपुरा पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वह पिछले चार वर्षों से दुदही ब्लॉक क्षेत्र में भैंस (वछड़ा-पाड़ी) की खरीद-बिक्री का कारोबार करता है। 28 जून 2026 की दोपहर करीब दो बजे व्यास और गुड्डू नामक दो युवक उसके पास पहुंचे और अच्छी भैंस खरीदवाने का भरोसा दिलाया। व्यापार की उम्मीद में इकराम अपने पास मौजूद 26 हजार रुपये नकद लेकर मोटरसाइकिल संख्या UP 57 AP 9139 पर उनके साथ बैठ गया।
आरोप है कि दोनों उसे सीधे खैरवा जंगल क्षेत्र में ले गए, जहां पहले से मौजूद कई अन्य लोगों ने उसे घेर लिया। इसके बाद उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और 26 हजार रुपये नकद, मोबाइल फोन तथा गले में पहनी चांदी की चेन लूट ली गई। इतना ही नहीं, आरोपियों ने चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और पुलिस के पास जाने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी देकर फरार हो गए।
किसी तरह जान बचाकर निकले पीड़ित ने वापस पहुंचकर पूरी घटना पुलिस को बताई। मामले में विशुनपुरा थाना पुलिस ने 30 जून 2026 को मुकदमा संख्या 0175/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 351(3) एवं 309(6) के तहत अभियोग पंजीकृत किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
हालांकि इस पूरे प्रकरण ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, इन्हीं आरोपियों के खिलाफ बीते 10 जून को ग्राम सभा अमही निवासी नागेंद्र यादव ने जान से मारने की धमकी देने तथा शादी समारोह में विवाद और अप्रिय घटना की आशंका को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि यदि उस समय विशुनपुरा पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्रभावी कार्रवाई की होती, तो संभव है कि आज यह कथित लूटकांड सामने ही न आता।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या शिकायतें केवल रजिस्टरों तक सीमित रह जाएंगी? क्या अपराधियों के हौसले इसलिए बुलंद हैं क्योंकि उन्हें समय रहते कानून का भय नहीं दिखाया जाता? आखिर कब तक आम नागरिक अपनी सुरक्षा को लेकर असुरक्षित महसूस करता रहेगा? अब देखना यह होगा कि विशुनपुरा पुलिस इस सनसनीखेज मामले में आरोपियों तक कितनी तेजी से पहुंचती है और पीड़ित को न्याय दिलाने में कितनी गंभीरता दिखाती है।
