
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर | विशेष संवाददाता
कुशीनगर। बरवापट्टी थाना क्षेत्र के मड़ुआडीह गांव में 20 वर्षीय युवक सचिन चौहान की रहस्यमयी मौत के मामले में अब बड़ा खुलासा सामने आया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवक की मौत करंट लगने से होने की पुष्टि हुई है। हालांकि सबसे बड़ा सवाल अभी भी बरकरार है कि यह एक दर्दनाक हादसा था या इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश छिपी है। इसी बिंदु को केंद्र में रखकर पुलिस अब मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद युवक के शव का पूरे रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम विदाई के दौरान गांव का माहौल पूरी तरह गमगीन रहा। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। बताया जा रहा है कि घटना के समय मृतक के पिता और बड़ा भाई घर से बाहर थे। जब वे लौटे तो बेटे की मौत की खबर सुनकर परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। नम आंखों से पिता ने अपने जवान बेटे को मुखाग्नि दी, जिसे देखकर हर किसी की आंखें भर आईं।
मृतक के परिजनों ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष, पारदर्शी और त्वरित जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि जब तक मौत की वास्तविक परिस्थितियां सामने नहीं आतीं, तब तक परिवार को न्याय नहीं मिल सकता।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट जांच का महत्वपूर्ण आधार बनी है, लेकिन केवल इसी के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य, तकनीकी पहलुओं, परिस्थितिजन्य प्रमाणों और अन्य तथ्यों का गहन विश्लेषण किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।
इस बीच पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक अजय कुमार लल्लू भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिजनों को सांत्वना दी, घटनास्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने निष्पक्ष एवं शीघ्र जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
फिलहाल मड़ुआडीह की यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मौत का कारण तो स्पष्ट कर दिया है, लेकिन अब सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि करंट लगना महज एक हादसा था या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश छिपी हुई है। इस रहस्य से पर्दा अब पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही उठ सकेगा। पूरे मामले पर जिले की निगाहें टिकी हुई हैं।
