
विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर | विशेष संवाददाता
कुशीनगर, 07 जुलाई। जनपद में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनाने के लिए जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जुलाई से सितंबर 2026 तक जिले की प्रत्येक उचित दर दुकान पर खाद्यान्न वितरण से पहले अनिवार्य रूप से भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। किसी भी स्तर पर लापरवाही, घटतौली, कालाबाजारी या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ तत्काल कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक निर्धारित मात्रा में गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न समय से पहुंचना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी उचित दर दुकानों पर खाद्यान्न वितरण से पहले नामित नोडल अधिकारी मौके पर पहुंचकर खाद्यान्न की मात्रा और गुणवत्ता का भौतिक सत्यापन करेंगे। सत्यापन रिपोर्ट तत्काल संबंधित उप जिलाधिकारी को भेजी जाएगी तथा वितरण के दौरान पर्यवेक्षणीय अधिकारी स्वयं मौजूद रहकर पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भारतीय खाद्य निगम से खाद्यान्न प्रेषण की रीयल-टाइम ऑनलाइन फीडिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि खाद्यान्न की आवाजाही पर लगातार नजर रखी जा सके। साथ ही खाद्यान्न के उचित दर दुकान पर पहुंचने की सूचना समय से संबंधित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाएगी। पूर्ति निरीक्षक एवं विपणन निरीक्षक मौके पर पहुंचकर खाद्यान्न की गुणवत्ता और मात्रा का सत्यापन करेंगे तथा ई-पॉस एप के माध्यम से नियमानुसार रिसीविंग भी सुनिश्चित कराएंगे।
उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि उनके क्षेत्र की प्रत्येक उचित दर दुकान पर वितरण से पहले सत्यापन की व्यवस्था पूरी गंभीरता के साथ लागू कराई जाए। वहीं जिला पूर्ति अधिकारी को सभी निरीक्षण एवं वितरण रिपोर्टों का संकलन कर समयबद्ध तरीके से प्रस्तुत करने तथा किसी भी अनियमितता की तत्काल सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारियों की उपस्थिति, ई-पॉस मशीन के माध्यम से निःशुल्क खाद्यान्न वितरण, वितरण पर्चियों पर मूल्य शून्य अंकित होना, स्टॉक का मिलान, घटतौली की जांच तथा अन्य निर्धारित बिंदुओं का विशेष रूप से परीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण अधिकारियों को शासनादेश के अनुरूप निर्धारित प्रतिशत में उचित दर दुकानों का गुणवत्तापूर्ण निरीक्षण करने और निरीक्षण एप्लीकेशन का अनिवार्य उपयोग करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने दो टूक कहा कि खाद्यान्न वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही, कालाबाजारी, व्यावर्तन या भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि नामित नोडल अधिकारी या पर्यवेक्षणीय अधिकारी अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन नहीं करते हैं तो उनके विरुद्ध तत्काल विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शासन के निर्देशों का अक्षरशः पालन करने के निर्देश देते हुए कहा कि पारदर्शी और जवाबदेह वितरण व्यवस्था के माध्यम से प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक समय पर गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। अब राशन व्यवस्था में किसी भी तरह की अनियमितता पर प्रशासन की पैनी नजर रहेगी।
