

06 जुलाई | विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर
विशेष संवाददाता
कसया/कुशीनगर। जनसमस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर जिला प्रशासन एक्शन मोड में नजर आया। तहसील कसया में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने स्वयं फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण तय समय-सीमा के भीतर हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता आम जनता को समय पर न्याय और राहत दिलाना है, इसलिए शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे। राजस्व, पुलिस, विकास, स्वास्थ्य, पंचायत और अन्य विभागों से जुड़ी कुल 103 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से 06 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर संबंधित शिकायतकर्ताओं को तत्काल राहत प्रदान की गई, जबकि शेष मामलों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए जिलाधिकारी ने शीघ्र जांच कर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के सख्त निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से भूमि विवाद और राजस्व मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतकर्ता की बात को गंभीरता से सुनते हुए निष्पक्ष जांच करें तथा ऐसा समाधान दें जिससे फरियादी पूरी तरह संतुष्ट हो सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जाए और अनावश्यक विलंब करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
सम्पूर्ण समाधान दिवस में उपस्थित पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने भी पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों की समीक्षा की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत की संवेदनशीलता को समझते हुए निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें। विशेष रूप से भूमि विवाद, पारिवारिक विवाद एवं अन्य संवेदनशील मामलों में राजस्व विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ताकि कानून-व्यवस्था मजबूत रहे और पीड़ितों को त्वरित न्याय मिल सके।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी शिकायतकर्ताओं की समस्याएं सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही समाधान का प्रयास किया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि समाधान दिवस केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता और प्रशासन के बीच विश्वास कायम करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाएं और प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करें।
सम्पूर्ण समाधान दिवस में मुख्य चिकित्साधिकारी, उप जिलाधिकारी कसया, परियोजना निदेशक, डीसी मनरेगा, जिला पंचायत राज अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, पुलिस विभाग के अधिकारी तथा तहसील स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होने दी जाएगी और प्रत्येक शिकायत पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी
