
विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर से विषेश संवाददाता
कुशीनगर, 02 सितम्बर 2026। जनपद में ध्वनि प्रदूषण और पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी करने वाले डीजे संचालकों के खिलाफ अब पुलिस ने सख्त रुख अपना लिया है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के वर्ष 2005 के महत्वपूर्ण निर्णय तथा माननीय उच्च न्यायालय के वर्ष 2017 के आदेश के अनुपालन में पुलिस अधीक्षक कुशीनगर के निर्देश पर जिलेभर में डीजे संचालन को लेकर व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार जनपद के समस्त पुलिस अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में डीजे संचालकों के साथ बैठक कर उन्हें स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित मानकों के अनुरूप ही डीजे का संचालन किया जाए। ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 तथा पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा। नियमों की अनदेखी कर तेज आवाज, निर्धारित सीमा से अधिक ध्वनि अथवा अन्य प्रतिबंधित तरीके से डीजे बजाने वालों पर अब कानून का शिकंजा कसना शुरू हो गया है।
पुलिस द्वारा जनपद के सभी डीजे संचालकों को नोटिस भी जारी किया गया है। बावजूद इसके विभिन्न त्योहारों और आयोजनों के दौरान कुछ डीजे संचालकों द्वारा नियमों का उल्लंघन किए जाने की शिकायतों पर जनपदीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। अब तक विभिन्न थानों में कुल 104 मुकदमे संबंधित धाराओं में दर्ज कर आयोजकों, डीजे संचालकों एवं अन्य जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।
पुलिस की इस कार्रवाई से साफ संदेश है कि त्योहार और उत्सव की आड़ में कानून तोड़ने की छूट किसी को नहीं दी जाएगी। मनोरंजन के नाम पर ध्वनि प्रदूषण फैलाने, आमजन की शांति भंग करने और न्यायालय व पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी करने वालों को अब गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
पंजीकृत अभियोगों में बीएनएस की धारा 126(2), 223बी, 292, 293 सहित ध्वनि नियंत्रण एवं पर्यावरण संरक्षण कानूनों के तहत कार्रवाई की जा रही है। कुशीनगर पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि आगे भी नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नोटिस नहीं, सीधे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
