
31 अगस्त | विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर | विशेष संवाददाता
कुशीनगर। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। जिले की सड़कों पर यदि कोई स्कूल वाहन बिना वैध फिटनेस के बच्चों को ढोता हुआ मिला तो संबंधित वाहन और विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी। परिवहन विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बच्चों की जान से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी के अनुसार कुशीनगर जनपद में कुल 1672 स्कूली वाहन पंजीकृत हैं। इनमें से चौंकाने वाली स्थिति यह सामने आई है कि 141 स्कूली वाहनों की फिटनेस की वैधता समाप्त हो चुकी है। यानी बड़ी संख्या में ऐसे वाहन विभाग की निगरानी में चिह्नित किए गए हैं, जिनकी फिटनेस तत्काल कराना आवश्यक है।
शासन के निर्देश पर संचालित ‘मिशन सेफ फ्यूचर 2.0’ अभियान के तहत परिवहन विभाग ने अब ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। वाहन 4.0 पोर्टल के माध्यम से फिटनेस समाप्त वाहनों की पहचान की गई है और संबंधित विद्यालय प्रबंधकों को फोन तथा नोटिस के जरिए लगातार सचेत किया जा रहा है। इसके साथ ही विभागीय टीमें मैदान में उतरकर वाहनों का स्थलीय एवं भौतिक सत्यापन भी कर रही हैं।
विभाग की कार्रवाई में अब तक 35 स्कूली वाहनों का पंजीयन निलंबित किया जा चुका है, जबकि 20 वाहनों को ब्लैकलिस्ट किया गया है। इसके बावजूद यदि विद्यालय प्रबंधन ने चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया और फिटनेस समाप्त वाहन सड़क पर बच्चों को लेकर दौड़ते पाए गए, तो कार्रवाई और अधिक कठोर हो सकती है।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ने साफ कहा है कि संबंधित विद्यालय प्रबंधक और प्रधानाचार्य अपने यहां संचालित प्रत्येक स्कूल वाहन की फिटनेस एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच कराना सुनिश्चित करें। केवल नोटिस जारी कर औपचारिकता पूरी नहीं की जाएगी, बल्कि अनफिट वाहनों के वास्तविक संचालन की स्थिति पर भी पैनी नजर रखी जा रही है।
उन्होंने चेतावनी दी कि पंजीयन निलंबित किए गए वाहनों की निर्धारित अवधि में फिटनेस नहीं कराई गई तो उनके पंजीयन प्रमाण-पत्र निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। ऐसी स्थिति में इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय प्रबंधन और प्रधानाचार्य की होगी।
विभाग ने अभिभावकों से भी सतर्क रहने की अपील की है। बच्चों को स्कूल भेजने वाले वाहन की फिटनेस और वैध कागजातों की जानकारी लेना अभिभावकों के लिए भी जरूरी है। आखिर सवाल केवल वाहन के कागजों का नहीं, बल्कि हर दिन उस वाहन में सफर करने वाले मासूम बच्चों की सुरक्षा का है।
परिवहन विभाग का संदेश साफ है—स्कूल वाहन सुरक्षित होगा तभी बच्चों का सफर सुरक्षित होगा। अनफिट वाहन सड़क पर मिला तो अब कार्रवाई तय है।
