
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में आयोजित ज्ञान भारतम् अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में कहा कि भारत की ज्ञान परंपरा विश्व में अद्वितीय है और इसकी नींव चार मुख्य स्तंभों पर आधारित है – संरक्षण, इनोवेशन, परिवर्धन और अनुकूलन। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन चारों स्तंभों ने भारत की ज्ञान परंपरा को समृद्ध बनाया है और इसे विश्वभर में प्रसिद्धि दिलाई है।
ज्ञान परंपरा के चार स्तंभ
संरक्षण हमारे प्राचीन ग्रंथों और पांडुलिपियों का संरक्षण करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे हमें अपने पूर्वजों के ज्ञान और अनुभवों से सीखने का अवसर मिलता है।
इनोवेशननए विचारों और तकनीकों का विकास करना भी आवश्यक है। इससे हम अपने ज्ञान को और भी विस्तार दे सकते हैं और नए समाधान खोज सकते हैं।
परिवर्धन ज्ञान को बढ़ावा देने और उसका विस्तार करने से हमें नई ऊंचाइयों तक पहुंचने में मदद मिलती है। इससे हम अपने ज्ञान को और भी समृद्ध बना सकते हैं।
अनुकूलन बदलते समय के अनुसार ज्ञान को अनुकूल बनाना भी आवश्यक है। इससे हम अपने ज्ञान को प्रासंगिक और उपयोगी बना सकते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वेद भारतीय संस्कृति के आधार हैं और इन चारों स्तंभों ने हमारी ज्ञान परंपरा को मजबूत बनाया है। ज्ञान भारतम् मिशन का उद्देश्य पूरे भारत में प्राचीन पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण करना है, जिससे हमारे ज्ञान को और भी प्रसारित किया जा सके
इस मिशन के माध्यम से, भारत अपनी ज्ञान परंपरा को विश्व के साथ साझा कर रहा है और अपने युवाओं को इसमें शामिल होने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। इससे न केवल हमारे ज्ञान का प्रसार होगा, बल्कि हमारी संस्कृति और चेतना को भी बढ़ावा मिलेगा।
