
कुशीनगर/नेपाल। सोशल मीडिया के माध्यम से आकर्षक रोजगार और बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर नेपाली नागरिकों को भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में बुलाकर उनका आर्थिक एवं मानसिक शोषण किए जाने के मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। प्राप्त सूचनाओं के आधार पर भारत स्थित नेपाली दूतावास ने उत्तर प्रदेश पुलिस, भारत सरकार के संबंधित विभागों तथा गैर सरकारी संस्था KIN India के सहयोग से संयुक्त अभियान चलाकर कई नेपाली नागरिकों को सुरक्षित मुक्त कराया।
इस अभियान के तहत उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद सहित विभिन्न स्थानों पर पुलिस द्वारा छापेमारी की गई। जांच के दौरान यह सामने आया कि कई नेपाली नागरिक तथाकथित नेटवर्किंग और ऑनलाइन रोजगार योजनाओं के नाम पर ठगी के जाल में फंस गए थे। कार्रवाई के दौरान कुल 104 नेपाली नागरिकों को मुक्त कराया गया, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। सभी को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद नेपाल भेजते हुए जिला प्रहरी कार्यालय रुपन्देही को सौंप दिया गया।
नेपाल पुलिस द्वारा रेस्क्यू किए गए लोगों से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए 104 में से 99 संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का मानना है कि यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले एक संगठित ठगी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है, जिसकी तह तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
नेपाल स्थित भारतीय दूतावास और नेपाली दूतावास ने इस सफल अभियान में सहयोग देने वाली उत्तर प्रदेश सरकार, उत्तर प्रदेश पुलिस, नेपाल पुलिस, KIN India तथा अन्य संबंधित संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया है।
दूतावास ने नेपाली नागरिकों से अपील की है कि वे विदेश रोजगार, नेटवर्किंग व्यवसाय, ऑनलाइन कमाई तथा अन्य आकर्षक प्रस्तावों के नाम पर दिए जाने वाले झूठे प्रलोभनों से सतर्क रहें। किसी भी नौकरी या व्यवसायिक अवसर को स्वीकार करने से पहले उसकी सत्यता की पूरी जांच करें। नेपाल सरकार और भारतीय भूमि पर स्थित नेपाली दूतावास ने स्पष्ट किया है कि भारत में रह रहे नेपाली नागरिकों की सुरक्षा, अधिकारों और संरक्षण के लिए वे पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
