
विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर से विशेष संवाददाता
दुदही (कुशीनगर)। दुदही नगर पंचायत शुक्रवार को उस समय भक्ति, उत्साह और सनातन आस्था के विराट रंग में रंग गई, जब श्रीराम कथा महायज्ञ एवं वैदिक पूजन कार्यक्रम के तहत निकली भव्य शोभायात्रा ने पूरे नगर को “जय श्रीराम” के गगनभेदी जयघोष से गुंजायमान कर दिया। नगर के इतिहास में अब तक की सबसे विशाल, भव्य और ऐतिहासिक धार्मिक शोभायात्राओं में शामिल इस आयोजन ने हर किसी को भाव-विभोर कर दिया।
गाजे-बाजे, आकर्षक झांकियां, भव्य रथ, हाथी-घोड़ों की मौजूदगी, हाथों में लहराते भगवा ध्वज और हजारों श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब… ऐसा दृश्य बना कि पूरा दुदही नगर मानो अयोध्या धाम की झलक पेश करता नजर आया। शोभायात्रा का शुभारंभ कथा एवं पूजन स्थल से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ, जो नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए पुनः आयोजन स्थल पर पहुंचकर सम्पन्न हुई।
करीब तीन घंटे तक चली इस विशाल यात्रा में महिलाएं, पुरुष, बच्चे, बुजुर्ग एवं संत-महात्मा पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ शामिल रहे। आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि तेज बारिश भी रामभक्तों की आस्था के सामने बेबस नजर आई। बारिश की बूंदों के बीच भी श्रद्धालु “जय श्रीराम” के जोशीले उद्घोष के साथ सड़कों पर डटे रहे। भीगते हुए भक्तों का यह अद्भुत नजारा लोगों के लिए चर्चा और आकर्षण का केंद्र बना रहा।
आयोजन में महाकाल की नगरी उज्जैन से आए कलाकारों द्वारा प्रस्तुत अद्भुत शिव तांडव ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों की दमदार प्रस्तुति ने ऐसा समां बांधा कि पूरा पंडाल तालियों, जयकारों और धार्मिक उल्लास से गूंज उठा। लोगों ने जमकर जयघोष लगाए और प्रस्तुति को आयोजन की जान बताया।
मंदिर समिति के रामकुमार जायसवाल, मुख्य यजमान एवं पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि गिरिजेश जायसवाल, विंध्याचल मित्तल, पारसनाथ जायसवाल, पप्पू जायसवाल, राजन व्याहुत, दुर्गेश जायसवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
दुदही में निकली यह ऐतिहासिक शोभायात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, एकता और अटूट आस्था का विराट प्रदर्शन बनकर सामने आई। नगरवासियों का कहना रहा कि ऐसा भव्य, अलौकिक और जनसैलाब वाला आयोजन दुदही ने पहले कभी नहीं देखा। जयघोष, श्रद्धा और उत्साह से सराबोर यह आयोजन लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में जीवंत रहेगा।
