
विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर से विशेष संवाददाता
कुशीनगर। जिस बेटे को पढ़ा-लिखाकर परिवार का सहारा बनाने के लिए एक किसान पिता ने अपनी पुश्तैनी जमीन और मकान तक बेच डाला, वही बेटा आज देश विरोधी गतिविधियों के आरोप में एटीएस की गिरफ्त में है। जटहाबाजार थाना क्षेत्र के हरपुर गांव निवासी कृष्णा मिश्रा की गिरफ्तारी ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। गांव की गलियों से लेकर चौराहों तक सिर्फ एक ही चर्चा है—“क्या वाकई गांव का वह शांत दिखने वाला युवक आतंकी नेटवर्क का हिस्सा बन चुका था?”
उत्तर प्रदेश एटीएस की कार्रवाई ने सिर्फ कुशीनगर ही नहीं, पूरे पूर्वांचल को हिला दिया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक कृष्णा मिश्रा का संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े लोगों और अंतरराष्ट्रीय अपराधियों से सामने आया है। यह खुलासा अपने आप में इतना बड़ा है कि लोगों के रोंगटे खड़े हो जाएं। जिस घर में कभी बेटे के भविष्य के सपने बुने जाते थे, आज वहां सन्नाटा और शर्म का बोझ पसरा हुआ है।
बताया जाता है कि कृष्णा के पिता छोटेलाल मिश्र एक साधारण किसान हैं। बेटे के भविष्य के लिए उन्होंने अपनी जिंदगी भर की कमाई और पुश्तैनी संपत्ति तक दांव पर लगा दी। गांव छोड़कर परिवार को बेलवा मिश्र गांव में बसाया ताकि बेटे का भविष्य सुधर सके। लेकिन वक्त ने ऐसा पलटा मारा कि आज वही बेटा सुरक्षा एजेंसियों की नजर में “खतरे का चेहरा” बन गया।
गांव वालों के अनुसार कृष्णा ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं था और धीरे-धीरे नशे की लत में पड़ गया। करीब सात साल पहले वह गांव छोड़कर पहले रविन्द्रनगर और फिर दिल्ली चला गया, जहां उसने एक निजी कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी शुरू की। परिवार को लगा कि बेटा कमाने लगा है, जिंदगी पटरी पर लौट रही है। लेकिन दिल्ली की चमक के पीछे एक ऐसा “खतरनाक खेल” पल रहा था, जिसने पूरे परिवार को तबाही के मुहाने पर ला खड़ा किया।
एटीएस जांच में सामने आया है कि दिल्ली में उसकी मुलाकात बाराबंकी निवासी दनियाल अशरफ से हुई। यहीं से कथित तौर पर देश विरोधी गतिविधियों का सिलसिला शुरू हुआ। जांच एजेंसियों का दावा है कि दोनों पाकिस्तान समर्थित नेटवर्क के संपर्क में थे और पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी तथा आबिद जट से जुड़े हुए थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि दनियाल अशरफ पर दिल्ली के बड़े मंदिरों की रेकी करने का आरोप है। अब सवाल उठ रहा है—क्या देश को दहलाने की कोई बड़ी साजिश रची जा रही थी?
सूत्रों के मुताबिक कृष्णा मिश्रा के मोबाइल फोन से पाकिस्तानी डॉन आबिद जट का संदेश मिला है, जिसमें देश के महत्वपूर्ण स्थानों पर सामग्री चस्पा करने का निर्देश दिया गया था। जांच के दौरान उसके पास से देशी तमंचा और कारतूस भी बरामद किए गए हैं। एटीएस ने एक साथ कार्रवाई करते हुए दनियाल अशरफ को बाराबंकी और कृष्णा मिश्रा को कुशीनगर से गिरफ्तार किया।
फिलहाल एजेंसियां डिजिटल रिकॉर्ड, बैंकिंग लेन-देन और विदेशी संपर्कों की गहराई से जांच कर रही हैं। गांव में दहशत का माहौल है। लोग हैरान हैं कि आखिर एक किसान का बेटा कब और कैसे देश विरोधी ताकतों के जाल में फंस गया। यह मामला सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उस कड़वी सच्चाई का आईना है कि दुश्मन अब सीमा पर ही नहीं, समाज के भीतर भी अपने जाल बिछाने में जुटा है।
