


कुशीनगर | विलेज फास्ट टाइम्स | विशेष संवाददाता
कुशीनगर जनपद के विशुनपुरा थाना क्षेत्र स्थित शंकरगंज जमुआन शिव मंदिर एक बार फिर गंभीर आरोपों को लेकर चर्चा में आ गया है। मंदिर के महंत विजय कुमार निषाद ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र सौंपकर अवैध बालू खनन से जुड़े लोगों पर जानलेवा हमले की साजिश, मठ पर कब्जा करने की कोशिश तथा लगातार धमकियां देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले ने पूरे क्षेत्र में हलचल तेज कर दी है।
महंत विजय कुमार निषाद का आरोप है कि उन्होंने क्षेत्र में कथित अवैध बालू खनन का लगातार विरोध किया। इसके बाद से कुछ प्रभावशाली लोगों ने उन्हें निशाना बनाना शुरू कर दिया। उनका कहना है कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं और फर्जी मुकदमों में फंसाकर दबाव बनाने की कोशिश भी की जा रही है, ताकि वे विरोध करना बंद कर दें।
शिकायत के अनुसार, 16 जुलाई को हालात उस समय और गंभीर हो गए जब कथित तौर पर 50 से अधिक लोग मंदिर परिसर में पहुंच गए। महंत का आरोप है कि इन लोगों ने मंदिर परिसर में घुसकर हमला करने का प्रयास किया और माहौल को भयावह बना दिया। उन्होंने बताया कि स्थिति बिगड़ती देख उन्होंने तत्काल डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया गया।
महंत का कहना है कि यह केवल हमला करने का प्रयास नहीं था, बल्कि मंदिर और मठ की संपत्ति पर कब्जा करने की सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। उनका आरोप है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो भविष्य में कोई बड़ी और अप्रिय घटना हो सकती है।
पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र में महंत ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, आरोपित लोगों से गहन पूछताछ, कथित अवैध गतिविधियों की जांच तथा अपनी और मंदिर की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि कानून का भय कायम रहे और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
इस घटना की चर्चा क्षेत्र में तेजी से फैल गई है। स्थानीय लोगों के बीच भी तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि, मामले को लेकर आधिकारिक स्तर पर अभी तक कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।
महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि समाचार में वर्णित सभी गंभीर आरोप शिकायतकर्ता महंत विजय कुमार निषाद द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र में लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही पुलिस प्रशासन की ओर से अभी तक किसी आरोपी के विरुद्ध आरोपों की पुष्टि की गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शिकायत प्राप्त होने के बाद पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुरूप आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं तो यह मामला केवल एक व्यक्ति की सुरक्षा का नहीं, बल्कि धार्मिक स्थल की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और कथित अवैध खनन के खिलाफ उठी आवाज से भी जुड़ा महत्वपूर्ण मामला बन सकता है। वहीं यदि जांच में अलग तथ्य सामने आते हैं, तो उसी के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।

