
22 जुलाई | विलेज फास्ट टाइम्स | कुशीनगर से विशेष संवाददाता
कुशीनगर जनपद के विकासखंड दुदही में 16 से 22 जुलाई 2026 तक भूजल सप्ताह का आयोजन जनजागरूकता अभियान के रूप में किया गया। पूरे सप्ताह चले कार्यक्रम में किसानों को भूजल संरक्षण, जल प्रबंधन और सरकार की विभिन्न सिंचाई योजनाओं की विस्तृत जानकारी देकर जल बचाने का संकल्प दिलाया गया।
कार्यक्रम के दौरान लघु सिंचाई विभाग के श्री शारदानंद वर्मा तथा विभागीय बोरिंग टेक्नीशियन झल्लू राम ने विकासखंड दुदही क्षेत्र के किसानों से संवाद करते हुए कहा कि “बूंद-बूंद से ही भविष्य सुरक्षित होगा। यदि आज जल का संरक्षण नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।”
उन्होंने किसानों को भूजल सप्ताह के उद्देश्यों, विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और जल संरक्षण से जुड़ी उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित कर रही है। इन योजनाओं का लाभ तभी सार्थक होगा, जब प्रत्येक किसान जल का उपयोग आवश्यकतानुसार और सीमित मात्रा में करेगा।
अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि खेतों में पानी की बर्बादी रोकें, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा दें, भूजल स्रोतों की सुरक्षा करें तथा आधुनिक सिंचाई तकनीकों को अपनाकर जल की प्रत्येक बूंद का सदुपयोग करें। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक और किसान की नैतिक जिम्मेदारी है।
श्री शारदानंद वर्मा ने कहा कि विभाग का लक्ष्य है कि जल संरक्षण का संदेश गांव-गांव और किसान-किसान तक पहुंचे, ताकि आने वाले वर्षों में भूजल स्तर को सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि सभी लोग मिलकर जल बचाने का संकल्प लें, तो भविष्य में जल संकट जैसी चुनौती पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
कार्यक्रम के समापन पर किसानों ने भी जल संरक्षण का संकल्प लेते हुए कहा कि वे जल का विवेकपूर्ण उपयोग करेंगे और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक बनाएंगे। पूरे आयोजन के दौरान जल बचाओ, भविष्य बचाओ का संदेश प्रमुख रूप से गूंजता रहा।
