
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर से विशेष संवाददाता
कुशीनगर जनपद के कप्तानगंज विकासखंड अंतर्गत ग्राम कोहड़ा में सोमवार की सुबह हुआ ट्रांसफार्मर विस्फोट पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया। ग्रामीणों द्वारा लगातार शिकायतों के बावजूद जर्जर ट्रांसफार्मर को न बदले जाने की कथित लापरवाही आखिरकार भारी पड़ गई और सुबह करीब 9:30 बजे अचानक हुए भीषण विस्फोट ने गांव में अफरा-तफरी मचा दी। विस्फोट के बाद निकली चिंगारियों से समीप स्थित एक मकान में आग लग गई, जिससे चार लोग गंभीर रूप से झुलस गए। इनमें दो की हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और विद्युत विभाग में हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्रा एवं क्षेत्राधिकारी ने तत्काल घटनास्थल पहुंचकर हालात का जायजा लिया। प्रशासन ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। जिला प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया है। साथ ही रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा भी सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क किनारे स्थापित ट्रांसफार्मर की जर्जर स्थिति को लेकर पिछले चार महीनों से संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को लगातार अवगत कराया जा रहा था। कई बार शिकायतें और प्रार्थना-पत्र दिए गए, लेकिन जिम्मेदारों ने समय रहते कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। परिणामस्वरूप यह बड़ा हादसा सामने आया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विद्युत विभाग ने तत्काल सख्त कार्रवाई करते हुए 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र कुबेरस्थान से संबद्ध अवर अभियंता अरविंद मणि त्रिपाठी को प्रथम दृष्टया लापरवाही का दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। अधीक्षण अभियंता राकेश मोहन द्वारा जारी आदेश में उन्हें निलंबन अवधि के दौरान विद्युत वितरण खंड कसया से संबद्ध किया गया है।
यही नहीं, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड पडरौना को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कोहड़ा की यह घटना एक बार फिर सरकारी तंत्र को आईना दिखा रही है कि यदि समय रहते शिकायतों पर कार्रवाई होती, तो शायद यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था। अब पूरे जिले की निगाहें जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
