

विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर से विशेष संवाददाता
कुशीनगर में शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने और सरकारी योजनाओं को धरातल पर शत-प्रतिशत लागू कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला शिक्षा एवं अनुश्रवण समिति, जिला शिक्षा परियोजना समिति तथा जिला शिक्षा समिति की बैठक में अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। बैठक के दौरान डीएम ने साफ शब्दों में कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रत्येक पात्र बच्चे को विद्यालय से जोड़ना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में स्कूल चलो अभियान की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने नामांकन प्रतिशत बढ़ाने के लिए विशेष रणनीति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने नवागत बेसिक शिक्षा अधिकारी को एबीएसए के साथ समन्वय स्थापित कर अभियान को जन-जन तक पहुंचाने और विद्यालयों में अधिक से अधिक बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित करने को कहा।
आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में प्रवेश की समीक्षा के दौरान डीएम का रुख बेहद सख्त दिखाई दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन विद्यालयों ने निर्धारित संख्या में प्रवेश नहीं दिए हैं, उनसे जवाब तलब किया जाए और नियमों की अनदेखी करने वाले विद्यालयों को नोटिस जारी कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
निपुण भारत मिशन, बालवाटिका संचालन और शिक्षण गुणवत्ता की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों को केवल विद्यालय तक पहुंचाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने विद्यालयों के नियमित निरीक्षण और शैक्षणिक अनुश्रवण को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालयों के निर्माण कार्यों, ऑपरेशन कायाकल्प, विद्यालयों की चहारदीवारी, सुरक्षित वातावरण तथा आधारभूत सुविधाओं की भी गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी विद्यालय जर्जर अवस्था में नहीं होना चाहिए तथा बच्चों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
मध्याह्न भोजन योजना की समीक्षा के दौरान डीएम ने भोजन की गुणवत्ता और नियमितता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। वहीं स्मार्टफोन एवं टैबलेट वितरण योजना की समीक्षा करते हुए पात्र विद्यार्थियों को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने दो टूक कहा कि “शत-प्रतिशत नामांकन, सुरक्षित विद्यालय और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही प्रशासन का लक्ष्य है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आई तो जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।” डीएम की इस सख्त समीक्षा बैठक के बाद शिक्षा विभाग में जवाबदेही और कार्य संस्कृति को लेकर नया संदेश गया है।
