
विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर से विशेष संवाददाता
कुशीनगर। जनपद के ग्राम मेला नरहवां (नोनिया टोल), पोस्ट गोड़रिया में स्वर्गीय सोनमती देवी कुशवाहा के निधन उपरांत आयोजित ब्रह्मभोज एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शोक, संवेदना और सामाजिक एकजुटता का अनूठा दृश्य देखने को मिला। दिवंगत आत्मा की शांति हेतु आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य लोगों, शिक्षाविदों व समाजसेवियों ने पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शामिल राधाकृष्ण मेमोरियल इंटर कॉलेज कोकीलपट्टी के प्रधानाचार्य श्री रमेशचन्द्र कुशवाहा ने शोकाकुल परिवार को सांत्वना देते हुए कहा कि माता का स्थान जीवन में प्रशासन, व्यवस्था और समाज की हर व्यवस्था से ऊपर होता है, क्योंकि वही परिवार की पहली शिक्षिका होती है। उन्होंने कहा कि संस्कारों से मजबूत समाज ही कठिन परिस्थितियों में एकजुट दिखाई देता है।
वहीं कार्यक्रम में उपस्थित विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर के संपादक धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि आज के दौर में जहां लोग सामाजिक दायित्वों से दूरी बनाते जा रहे हैं, ऐसे आयोजनों में लोगों की सहभागिता यह साबित करती है कि मानवीय संवेदनाएं अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि समाज में विकास के बड़े-बड़े दावे करने वालों को भी पारिवारिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्वों से सीख लेने की आवश्यकता है।
श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित में दुदही के पूर्व कार्यकारणी चन्दन श्रीवास्तव व साथ में दुदही नगर अध्यक्ष रंजित गुप्ता, दिपक शर्मा, रामप्रताप,संजय मदेशिया,लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। कार्यक्रम में सुखराज कुशवाहा, जयप्रकाश, ओमप्रकाश, मनीष, कमलेश, दीपक, विवेक, राहुल समेत समस्त कुशवाहा परिवार की ओर से आए आगंतुकों के प्रति आभार प्रकट किया गया। आयोजन ने यह संदेश भी दिया कि दुख की घड़ी में समाज का साथ ही परिवार की सबसे बड़ी ताकत बनता है।
