
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर | विशेष संवाददाता
कुशीनगर। प्रतिभा जब मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ती है, तो सफलता उसके कदम चूमती है। इसका प्रेरणादायी उदाहरण दुदही नगर पंचायत की दो होनहार बेटियों ने प्रस्तुत किया है। NEET-2026 परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर इन दोनों छात्राओं ने न केवल अपने माता-पिता का सपना साकार किया, बल्कि पूरे दुदही और जनपद कुशीनगर का नाम भी गौरवान्वित कर दिया।
नगर पंचायत के वार्ड संख्या-2 निवासी शिक्षक अरविंद कुमार दुबे की पुत्री गरिमा दुबे ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता अर्जित की। प्रारंभ से ही मेधावी रही गरिमा ने नवोदय विद्यालय से इंटरमीडिएट की शिक्षा पूरी की और कठिन परिश्रम के बल पर NEET-2026 में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। उनका लक्ष्य एक संवेदनशील एवं कुशल चिकित्सक बनकर समाज की सेवा करना है।
वहीं, वार्ड संख्या-9 निवासी ओमप्रकाश बरनवाल की पुत्री लक्ष्मी बरनवाल ने भी संघर्ष और धैर्य की मिसाल पेश की। प्रारंभिक असफलताओं से निराश होने के बजाय उन्होंने पहले कोटा (राजस्थान) और बाद में गोरखपुर में तैयारी की। अंततः घर पर रहकर ऑनलाइन अध्ययन और निरंतर अभ्यास के दम पर दूसरे प्रयास में शानदार सफलता हासिल की। लक्ष्मी ने अपनी उपलब्धि का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और ईश्वर के आशीर्वाद को दिया तथा कहा कि उनका सपना एक योग्य डॉक्टर बनकर जरूरतमंदों की सेवा करना है।
दोनों बेटियों की सफलता की खबर मिलते ही दुदही नगर में खुशी की लहर दौड़ गई। परिजनों, शुभचिंतकों और नागरिकों ने मिठाइयाँ बांटकर दोनों छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। नगर के गणमान्य लोगों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताते हुए कहा कि बेटियाँ आज हर क्षेत्र में सफलता का नया इतिहास लिख रही हैं और आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन रही हैं।
नगर अध्यक्ष प्रतिनिधि अजीम आलम, शिक्षक संघ अध्यक्ष अरुणेंद्र कुमार राय, व्यापार मंडल अध्यक्ष रामकुमार जायसवाल, डॉ. विनोद गुप्ता, डॉ. महेश बरनवाल, उमेश चौरसिया, निरजेश जायसवाल, राजेश गुप्ता, पप्पू बरनवाल, हरिकेश गुप्ता, पारसनाथ जायसवाल, रामेश्वर सिंह, विंध्याचल मित्तल, डॉ. रविरंजन सहित अनेक लोगों ने दोनों छात्राओं और उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
दुदही की इन दोनों बेटियों की उपलब्धि ने यह सिद्ध कर दिया है कि संसाधनों से अधिक महत्वपूर्ण दृढ़ इच्छाशक्ति, निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास होता है। उनकी सफलता आज पूरे कुशीनगर के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का प्रकाशस्तंभ बन गई है।
