विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर से विशेष संवाददाता






दुदही, कुशीनगर। जहां एक ओर आधुनिक जीवनशैली, भागदौड़ और बढ़ते मानसिक तनाव के कारण लोग अस्पतालों की कतारों में खड़े दिखाई दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर दुदही क्षेत्र स्थित राधा कृष्ण मेमोरियल इंटर कॉलेज, कोलीपट्टी में आयोजित भव्य योग शिविर ने स्वास्थ्य और आत्मिक जागरूकता का ऐसा संदेश दिया, जिसने लोगों को स्वस्थ जीवन की ओर लौटने के लिए प्रेरित किया। रविवार सुबह 7 बजे से 8 बजे तक आयोजित इस विशेष योग सत्र में विद्यार्थियों, शिक्षकों, समाजसेवियों और क्षेत्रीय नागरिकों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली।
कार्यक्रम का आयोजन यशवर्धन मोबाइल कम्युनिकेशन, गालिब कॉलोनी पड़री, दुदही के तत्वावधान में किया गया। योग प्रशिक्षक श्री मैनेजर कश्यप एवं मुख्य योग मार्गदर्शक श्री मनेश्वर कुशवाहा ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया। उन्होंने कहा कि आज जब दवाइयों पर निर्भरता बढ़ती जा रही है और लोग छोटी-छोटी बीमारियों से परेशान हैं, तब योग एक ऐसा प्राकृतिक उपचार है जो शरीर, मन और आत्मा तीनों को सशक्त बनाता है।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य रमेश चंद्र कुशवाहा, डॉ. गौरीशंकर पटेल, अवधेश राय, विकास पांडेय, शंभू मद्धेशिया, काल बिहारी यादव सहित समस्त शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अतिथियों ने कहा कि योग को केवल एक दिवस का कार्यक्रम न मानकर दैनिक जीवन की आदत बनाया जाना चाहिए।
योग शिविर में युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षकों ने बताया कि नियमित योगाभ्यास से मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा, अनिद्रा तथा मानसिक तनाव जैसी गंभीर समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। लोगों ने पूरे मनोयोग से योग क्रियाओं का अभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान कई वक्ताओं ने अप्रत्यक्ष रूप से यह भी संकेत दिया कि यदि समाज स्वास्थ्य के प्रति पहले से सजग होता, तो अस्पतालों और दवाइयों पर बढ़ती निर्भरता काफी हद तक कम हो सकती थी। यह शिविर केवल योगाभ्यास तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्वास्थ्य जागरूकता, सामाजिक एकता और सकारात्मक सोच का व्यापक संदेश देकर गया।
समापन अवसर पर उपस्थित लोगों ने ऐसे कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित किए जाने की मांग की। क्षेत्रीय नागरिकों ने इसे जनकल्याण की दिशा में एक अनुकरणीय पहल बताते हुए कहा कि योग ही स्वस्थ, सशक्त और आत्मनिर्भर समाज की मजबूत नींव बन सकता है। पूरे क्षेत्र में इस आयोजन की सराहना हो रही है और लोगों का मानना है कि ऐसे प्रयास भविष्य में स्वास्थ्य क्रांति का आधार बन सकते हैं।
