

विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर से विषेश संवाददाता
कुशीनगर। जिले के खनन विभाग में लंबे समय से चल रही अनियमितताओं पर आखिरकार शासन का डंडा चल गया। कुशीनगर के जिला खनन अधिकारी अभिषेक कुमार सिंह को गंभीर वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई ने पूरे खनन महकमे में हड़कंप मचा दिया है और विभागीय गलियारों में दिनभर इसी की चर्चा होती रही।
सूत्रों के अनुसार अवैध खनन से जुड़े कई मामलों में जारी किए गए चालानों और नोटिसों को बिना किसी ठोस एवं वैध आधार के निरस्त कर दिया गया था। आरोप है कि इस पूरे खेल में सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया गया। शिकायतों के बाद मुख्यालय स्तर से कराई गई गहन जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए, जिनसे लाखों रुपये की वित्तीय हेराफेरी और राजस्व क्षति की आशंका मजबूत हुई।
जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि संबंधित अधिकारी ने अपने पद और दायित्वों का समुचित निर्वहन नहीं किया तथा कई मामलों में विभागीय नियमों की अनदेखी की गई। शासन ने प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई कर दी।
सबसे बड़ी बात यह है कि शासन ने केवल निलंबन तक ही मामला सीमित नहीं रखा, बल्कि प्रकरण से संबंधित निहित धनराशि की वसूली के भी निर्देश जारी किए हैं। इससे साफ संकेत मिल रहा है कि सरकार खनन विभाग में भ्रष्टाचार और राजस्व क्षति के मामलों को लेकर अब किसी प्रकार की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई को बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि यदि विस्तृत जांच आगे बढ़ी तो कई और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं तथा अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।
फिलहाल जिला खनन अधिकारी के निलंबन ने यह संदेश जरूर दे दिया है कि सरकारी राजस्व से खिलवाड़ और नियमों की अनदेखी करने वालों पर शासन की नजर है, और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई तय है।
