

कुशीनगर। लंबे समय से किसानों के हिस्से की यूरिया खाद की कालाबाजारी कर उसे बिहार भेजने वाले गिरोह पर आखिरकार जिला प्रशासन का शिकंजा कस गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला कृषि अधिकारी सतीश सिंह ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार सीमा से सटे बांसी बॉर्डर पर 15 बोरी यूरिया खाद पकड़कर खाद माफियाओं में जबरदस्त हड़कंप मचा दिया है।
जानकारी के अनुसार, जब्त की गई खाद में 10 बोरी इफको तथा 5 बोरी यारा कंपनी की यूरिया शामिल है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि पकड़ी गई 10 बोरी इफको यूरिया मटहिनिया समिति की बताई जा रही है। ऐसे में सवाल खड़े हो रहे हैं कि किसानों तक पहुंचने वाली सरकारी खाद आखिर तस्करों के हाथों तक कैसे पहुंच गई? यदि इसकी निष्पक्ष जांच होती है तो पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होना तय माना जा रहा है।
जिला कृषि अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चार खाद तस्करों के खिलाफ पडरौना कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। इस कार्रवाई के बाद अवैध रूप से खाद का कारोबार करने वाले लोगों में अफरा-तफरी का माहौल है। वर्षों से किसानों की जरूरतों पर डाका डालकर मुनाफाखोरी करने वालों को प्रशासन ने साफ संदेश दे दिया है कि अब किसी भी कीमत पर कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
किसानों का कहना है कि यदि इसी तरह लगातार छापेमारी होती रही तो कृत्रिम खाद संकट पैदा करने वाले और किसानों को महंगे दामों पर यूरिया खरीदने के लिए मजबूर करने वाले गिरोह पूरी तरह बेनकाब हो जाएंगे। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से यह भी स्पष्ट हो गया है कि सरकारी योजनाओं में सेंध लगाने वालों के खिलाफ अब कठोर कार्रवाई का दौर शुरू हो चुका है।
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर के लिए विशेष संवाददाता।
