
विलेज फास्ट टाइम्स | कुशीनगर मुन्ना अंसारी
विशेष संवाददाता
कुशीनगर। तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के ग्राम जंगल लुआठहा में वर्षों से विवादों में रही रास्ते की सरकारी भूमि पर आखिरकार प्रशासन का बुलडोजर गरज उठा। तहसील प्रशासन के निर्देश पर राजस्व विभाग और विशुनपुरा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कथित अवैध अतिक्रमण हटाते हुए सरकारी रास्ते को कब्जामुक्त कराया। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल रहा और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए।
प्रशासन के अनुसार, राजस्व अभिलेखों में दर्ज सार्वजनिक रास्ते की भूमि पर हरिशंकर पुत्र भोला, राधा पुत्र सरवन, राजेन्द्र पुत्र त्रिवेणी सहित अन्य लोगों द्वारा कथित रूप से अवैध कब्जा किए जाने की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं। मामले की सुनवाई के बाद 15 अक्टूबर 2024 को तहसीलदार न्यायालय ने अतिक्रमण हटाने का आदेश पारित किया था। न्यायालय के उसी आदेश के अनुपालन में अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए मौके पर बुलडोजर चलाकर कब्जा हटाने की कार्रवाई की।
तहसीलदार तमकुहीराज के आदेश पर नायब तहसीलदार शिवशंकर मिश्र के नेतृत्व में राजस्व टीम गठित की गई। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 24 जुलाई 2026 को राजस्व अधिकारियों, कर्मचारियों तथा विशुनपुरा थाना पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई शुरू हुई। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा, जिससे पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकी।
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह न्यायालय के आदेश और राजस्व अभिलेखों के आधार पर की गई है तथा सार्वजनिक रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कर ग्रामीणों के आवागमन का अधिकार सुनिश्चित किया गया है। स्थानीय लोगों ने भी सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि इससे आमजन को आने-जाने में सुविधा मिलेगी।
प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि सरकारी भूमि, चकरोड, रास्ते, तालाब और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी ऐसे मामलों में नियमों के तहत कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों के लिए यह कार्रवाई एक बड़ा संदेश मानी जा रही है कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करने वालों पर प्रशासन अब पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई करेगा।
