
विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर से विशेष संवाददाता
कुशीनगर जनपद की कसया तहसील इन दिनों एक वायरल कथित ऑडियो को लेकर सुर्खियों में है। सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे इस ऑडियो ने तहसील प्रशासन की कार्यशैली पर ऐसे सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनकी गूंज अब गांव से लेकर जिला मुख्यालय तक सुनाई देने लगी है। वायरल बातचीत में कथित तौर पर कसया एसडीएम और एक ग्रामीण के बीच जमीन के मामले में धारा 80 के तहत कार्रवाई को लेकर बातचीत हो रही है। ऑडियो में “रिपोर्ट लगवाने”, “हिसाब”, “सेटिंग” और “कितना करेगा” जैसे शब्दों ने पूरे मामले को बेहद संदिग्ध बना दिया है।
हालांकि इस वायरल ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और “विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर” इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता, लेकिन बातचीत की भाषा और अंदाज ने प्रशासनिक गलियारों में सनसनी जरूर फैला दी है। लोग सवाल पूछ रहे हैं कि क्या अब तहसीलों में कार्रवाई कानून से नहीं बल्कि “सेटिंग” और “डील” से तय होगी?
वायरल ऑडियो में कथित तौर पर एसडीएम की आवाज सुनाई देती है, जिसमें वे पूछते हैं — “धारा 80 वाला, 16 कट्ठा है या 18 कट्ठा?” जवाब में दूसरा व्यक्ति कहता है — “16 कट्ठा वाला है… जिसमें एक कट्ठा और चार कट्ठा है… एक कट्ठा में मकान बन रहा है…”। इसके बाद बातचीत जमीन की स्थिति और रिपोर्ट लगवाने को लेकर आगे बढ़ती है। कथित तौर पर पूछा जाता है — “नीचे से रिपोर्ट लगवा लिए या नहीं?” इस पर सामने वाला कहता है — “अभी कुछ नहीं हुआ है, आप जब कहेंगे तब नीचे से लगेगा न…”
यहीं से पूरा मामला और ज्यादा गंभीर हो जाता है। बातचीत में कथित तौर पर जमीन की लोकेशन, खाली भूमि और निर्माण कार्य पर चर्चा होती है। फिर अचानक कथित आवाज में सवाल आता है — “16 वाले में क्या है?” जवाब मिलता है — “ठीक-ठाक हो जाएगा… जो होगा हिसाब से होगा…” और फिर वह लाइन सुनाई देती है जिसने पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया — “तो ठीक है कर दूंगा… कितना करेगा, कुछ तो बात दो…”। जवाब आता है — “शाम को सात बजे बता दूंगा…”
अब यही शब्द सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहे हैं। लोग इसे तहसील व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार और सेटिंगबाजी का खुला संकेत मान रहे हैं। चर्चा इस बात की भी है कि अगर ऑडियो सही साबित होता है, तो यह केवल एक जमीन विवाद का मामला नहीं बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल बन सकता है।
सूत्रों की मानें तो वायरल ऑडियो सामने आने के बाद तहसील परिसर में भी अंदरखाने चर्चाओं का बाजार गर्म है। विपक्षी राजनीतिक दलों से लेकर आम ग्रामीण तक निष्पक्ष जांच की मांग उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि मामले की तकनीकी जांच कर आवाज की पुष्टि कराई जाए तो कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
इस संबंध में कसया एसडीएम के सरकारी मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन फोन लगातार “नॉट रीचेबल” बताता रहा। प्रशासन की ओर से भी अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या जिला प्रशासन इस वायरल कथित ऑडियो की निष्पक्ष जांच कराएगा, या फिर यह मामला भी अन्य विवादों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा? फिलहाल वायरल ऑडियो ने कसया तहसील की सियासत और प्रशासनिक माहौल दोनों को गर्म कर दिया है।
