
विलेज फास्ट टाइम्स, कुशीनगर | विशेष संवाददाता
कुशीनगर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने देशभर में करोड़ों रुपये की ऑनलाइन ठगी को अंजाम देकर लोगों की मेहनत की कमाई लूट ली। पुलिस ने गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंकिंग दस्तावेज, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, सिम कार्ड और नकदी बरामद की है।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई प्रदेशव्यापी ‘Cy-Vajra’ अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक केशव कुमार के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ वर्मा तथा क्षेत्राधिकारी सदर के पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने की। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान अरविंद कुमार पाण्डेय निवासी बरवां, थाना रामकोला तथा सुरेश कुशवाहा निवासी चन्द्रपुर बरवां, थाना रामकोला के रूप में हुई है।
पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से एक मारुति वैगनआर कार, दो लैपटॉप, चार मोबाइल फोन, छह एटीएम कार्ड, 11 सिम कार्ड, 12 आधार कार्ड, तीन पैन कार्ड, छह बैंक पासबुक, चार चेकबुक, तीन मोहरें तथा 1,00,500 रुपये नकद बरामद किए हैं। बरामदगी के आधार पर साइबर क्राइम थाना में बीएनएस एवं सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
जांच में सामने आया कि यह गिरोह लोगों को ऑनलाइन निवेश, ट्रेडिंग और अधिक मुनाफे का लालच देकर अपने जाल में फंसाता था। पहले भोले-भाले लोगों के नाम से बैंक खाते खुलवाए जाते थे, फिर उन खातों से जुड़े मोबाइल नंबर बदलकर गिरोह अपने नियंत्रण में ले लेता था। इसके बाद उन्हीं खातों में साइबर ठगी की रकम मंगाकर एटीएम और चेकबुक के माध्यम से तत्काल नकदी निकाल ली जाती थी। जैसे ही कोई खाता शिकायत के कारण फ्रीज होता, गिरोह नए लोगों को निशाना बनाकर फिर वही खेल शुरू कर देता था।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह ने अब तक करीब दो दर्जन से अधिक बैंक खातों का इस्तेमाल किया। एनसीआरपी (National Cyber Crime Reporting Portal) पर इन अभियुक्तों से संबंधित 122 ऑनलाइन शिकायतें दर्ज हैं। इन शिकायतों में अब तक 34 करोड़ 75 लाख 2 हजार 758 रुपये की साइबर धोखाधड़ी का सत्यापन हो चुका है। यह आंकड़ा गिरोह के नेटवर्क और अपराध के बड़े दायरे की ओर संकेत करता है।
पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि गिरोह के तार उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों से भी जुड़े हैं। महाराष्ट्र के ठाणे जिले के कोपरखैराने थाने में भी इन अभियुक्तों के खिलाफ साइबर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज है। अब अन्य राज्यों की पुलिस से समन्वय स्थापित कर गिरोह के नेटवर्क, बैंक खातों और सहयोगियों की जानकारी जुटाई जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि जांच आगे बढ़ने पर कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
इस सफलता में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार, चुनाव सेल प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार पंत, उपनिरीक्षक सुनील कुमार सिंह, उपनिरीक्षक आकाश वर्मा सहित साइबर सेल और चुनाव सेल की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कुशीनगर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के बहकावे में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड या बैंकिंग विवरण किसी को उपलब्ध न कराएं। ऐसा करना न केवल आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है, बल्कि संबंधित व्यक्ति भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे गिरोहों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। वहीं इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि डिजिटल अपराध करने वाले चाहे कितने भी शातिर क्यों न हों, कानून के लंबे हाथ अंततः उन्हें गिरफ्त में लेकर ही रहेंगे।
