
विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर
विशेष संवाददाता : मुन्ना अंसारी
कुशीनगर। जनपद के थाना विशुनपुरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा गोड़रिया में हुई एक मारपीट की घटना ने आखिरकार एक परिवार की खुशियां छीन लीं। 27 मई को हुए विवाद में गंभीर रूप से घायल रामप्रवेश गोंड़ (40) ने उपचार के दौरान 3 जून को दम तोड़ दिया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक, आक्रोश और कई सवाल एक साथ खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार जिस विवाद की शुरुआत मामूली कहासुनी और बच्चों के बीच हुए झगड़े से हुई थी, वह देखते ही देखते हिंसक मारपीट में बदल गई। परिणाम यह हुआ कि एक गरीब, भूमिहीन परिवार का कमाने वाला सदस्य दुनिया छोड़ गया। बताया जा रहा है कि आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार के सामने समुचित इलाज भी बड़ी चुनौती बन गया था। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा और आर्थिक सहयोग मिलता तो शायद आज रामप्रवेश जीवित होते।
सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि मृतक अपने पीछे चार बेटियों और दो बेटों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गया है। अब इन मासूम बच्चों के भविष्य, शिक्षा और पालन-पोषण की जिम्मेदारी किसके कंधों पर होगी, यह बड़ा सवाल बन गया है। गांव में लोग चर्चा कर रहे हैं कि क्या समाज इतनी संवेदनहीनता की ओर बढ़ चुका है कि छोटी-छोटी बातों पर लोग एक-दूसरे की जान लेने पर उतारू हो जाएं?
घटना की सूचना मिलते ही विशुनपुरा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। थाना प्रभारी विनय कुमार मिश्रा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्राप्त तहरीर के आधार पर दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
फिलहाल गोड़रिया गांव में मातम पसरा हुआ है। प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि दोषियों पर ऐसी कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, जिससे भविष्य में कोई भी व्यक्ति मामूली विवाद को खूनी संघर्ष में बदलने का साहस न कर सके। अब सबकी निगाहें पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं।
