
29 दिसम्बर, विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर।
आगामी त्योहारों की चमक, नववर्ष के जश्न का जोश, गणतंत्र दिवस की तैयारियाँ और परीक्षा सीज़न की गंभीरता—इन सबके बीच कुशीनगर प्रशासन ने शांति पर किसी भी कीमत पर आँच न आने देने का ऐलान कर दिया है। अपर जिला मजिस्ट्रेट वैभव मिश्रा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत पूरे जनपद में निषेधाज्ञा लागू कर दी है, जो तत्काल प्रभाव से 26 फरवरी 2026 तक कड़ाई से लागू रहेगी।
संदेश साफ है—कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ की जुर्रत की, तो कार्रवाई भी उतनी ही तेज और निर्णायक!
आदेश के अनुसार जनपद की सीमाओं में कोई भी गतिविधि जो शांति भंग कर सकती है—पूरी तरह प्रतिबंधित।
सार्वजनिक रास्तों को अवरुद्ध करना, जुलूस निकालना, धरना देना, बिना अनुमति सभा करना—सब पर ताला!
पाँच या उससे अधिक लोगों की भीड़? प्रशासन ने पहले ही ‘नो’ कह दिया है!
हालाँकि पारंपरिक धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को छूट मिलेगी, लेकिन कानून की सीमा पार करते ही छूट खत्म — कार्रवाई शुरू।
बोर्ड, विश्वविद्यालय व प्रतियोगी परीक्षाओं पर विशेष ध्यान:
परीक्षा केंद्रों से 100 मीटर के दायरे तक बाहरी लोगों की एंट्री बैन,
मोबाइल, गैजेट, ध्वनि विस्तारक—केंद्रों के आसपास दिखते ही प्रतिबंधित सामान की श्रेणी में।
नकल या व्यवधान फैलाने की जरा-सी कोशिश भी कठोर कार्रवाई की गारंटी।
सार्वजनिक जगहों पर हथियार, धारदार सामान, विस्फोटक या भड़काऊ वस्तुएँ लेकर चलना पूरी तरह मना।
उत्तेजक भाषण, सांप्रदायिक जहर, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले कृत्य— अब सीधे अपराध की श्रेणी में।
सोशल मीडिया पर अफवाह, भड़काऊ कंटेंट, फेक मैसेज, एडिटेड वीडियो—एक क्लिक भी गलत हुआ तो वैधानिक कार्रवाइयों की बौछार तय।
लाउडस्पीकर रात 10 से सुबह 6 तक पूरी तरह बंद, बाकी समय सिर्फ अनुमति और तय मानकों के तहत।
बिना अनुमति बिजली कनेक्शन, अनधिकृत सायरन-बत्ती, जबरन दुकान बंद, पथराव, हिंसा—सब पर प्रशासन की पैनी नजर और दंड निश्चित।
उल्लंघन पर भारतीय न्याय संहिता सहित अन्य सुसंगत अधिनियमों के तहत कठोर दंड तय।
अंत में जिला प्रशासन की अपील—
“शांति बनाए रखें, अफवाहों से दूरी रखें, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दें और सहयोग को कर्तव्य बनाएं।”
विलेज फास्ट टाइम्स — सच भी, तेवर भी!
