

विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर से विशेष संवाददाता
कुशीनगर जनपद के बहुपरवा विद्युत उपकेंद्र से जुड़े रामपुर, बरहन, नारायणपुर व बिशुनपुरा गांवों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। लगातार लो-वोल्टेज, बार-बार फ्यूज उड़ने और जर्जर तारों के सहारे हो रही आपूर्ति ने ग्रामीणों का जीवन संकट में डाल दिया है। भीषण गर्मी के बीच जहां लोग रातभर जागने को मजबूर हैं, वहीं छात्रों की पढ़ाई भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि करीब तीन किलोमीटर दूर स्थित ट्रांसफार्मर से अस्थायी व्यवस्था के सहारे बिजली सप्लाई दी जा रही है। कई स्थानों पर बांस-बल्ली के सहारे तार खींचकर विद्युत आपूर्ति की जा रही है, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। वर्ष 2024 में आए चक्रवाती तूफान के बाद झुके बिजली पोल और लटकते तार आज तक ठीक नहीं किए गए, जिससे हर समय दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
स्थिति से नाराज ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल जब शिकायत लेकर विद्युत उपकेंद्र पहुंचा, तो वहां मौजूद एक अधिकारी पर अभद्र व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगा। ग्रामीणों के अनुसार अधिकारी ने अपमानजनक लहजे में कहा — “नाच करने आए हो तो करो।” इस टिप्पणी के बाद विशेषकर महिलाओं में भारी आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों का कहना है कि समस्याओं का समाधान करने के बजाय विभागीय अधिकारी जनता का मजाक उड़ा रहे हैं।
मौके पर पहुंचे संवाददाता को ग्रामीणों ने जर्जर बिजली व्यवस्था दिखाई और विभाग के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। उनकी मांग है कि गांवों में नए पोल लगाए जाएं, अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएं और सुरक्षित एवं व्यवस्थित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
आवाज उठाने वालों में लीलावती देवी, सुदर्शन प्रसाद, सनी प्रसाद, सुरेश, भोला, रंजीत, शीमा, नेपाली, सूनैना देवी, निशांत, रंभा देवी, संपति देवी, अटरिया देवी, कमलावती देवी, सन्मतिया देवी, शांति देवी, सुनीता देवी सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
