
विलेज फास्ट टाइम्स कुशीनगर | 09 जनवरी
कुशीनगर जनपद में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को पूरी तरह पारदर्शी, समयबद्ध और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाने के लिए जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी द्वारा जारी ताज़ा निर्देशों ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि अब खाद्यान्न वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या कालाबाजारी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया है कि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) से प्राप्त होने वाले खाद्यान्न की सूचना रियल-टाइम में संबंधित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाए। उचित दर दुकानों पर वितरण केवल नोडल एवं पर्यवेक्षणीय अधिकारियों की उपस्थिति में ही कराया जाएगा, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और लाभार्थियों को पूरा हक मिल सके।
आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सभी उचित दर दुकानों पर ई-पॉस मशीन से शत-प्रतिशत वितरण, स्टॉक का भौतिक सत्यापन, दुकान पर मूल्य शून्य प्रदर्शित करना, तथा खाद्यान्न की गुणवत्ता की नियमित जांच अनिवार्य होगी। किसी भी स्तर पर कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी, कर्मचारी अथवा विक्रेता सीधे कार्रवाई के दायरे में आएंगे।
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने दो टूक शब्दों में कहा कि पीडीएस सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की रीढ़ है और इसमें भ्रष्टाचार जनता के अधिकारों पर सीधा प्रहार है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कहीं भी गड़बड़ी, कालाबाजारी या लाभार्थियों से दुर्व्यवहार की शिकायत मिली तो कड़ी विभागीय और दंडात्मक कार्रवाई तय है।
प्रशासन ने शिकायत निवारण को प्रभावी बनाने के लिए टोल-फ्री नंबर 1967 और 1800-1800-150 को सक्रिय रूप से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने जनता से भी अपील की कि यदि किसी उचित दर दुकान पर अनियमितता दिखे तो तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
इस संबंध में जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि सभी उपजिलाधिकारी, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी, नोडल एवं पर्यवेक्षणीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं और नियमित निरीक्षण किया जाएगा। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में पीडीएस व्यवस्था पर निगरानी और सख्त होगी।
कुल मिलाकर, जिलाधिकारी के इस कड़े कदम से साफ है कि कुशीनगर प्रशासन अब अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ जनता को उसका हक दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

