
विलेज फास्ट टाइम्स | कुशीनगर
दिनांक: 06 मार्च 2026
जनपद कुशीनगर में पेट्रोल-डीजल की अवैध आपूर्ति और संभावित दुरुपयोग पर लगाम कसने के लिए प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में दिखाई दे रहा है। जिला पूर्ति अधिकारी कुशीनगर कृष्ण गोपाल पाण्डेय ने जनपद के सभी डीजल एवं पेट्रोल पम्प संचालकों को कड़ा निर्देश जारी करते हुए साफ कर दिया है कि अब किसी भी हालत में डिब्बे, कन्टेनर, बोतल या अन्य किसी पात्र में पेट्रोल या डीजल की आपूर्ति नहीं की जाएगी।
जिला पूर्ति अधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति केवल दोपहिया, चारपहिया या अन्य भारी वाहनों के ईंधन टैंक में ही की जाएगी। यदि किसी पम्प पर नियमों की अनदेखी करते हुए डिब्बे या बोतल में ईंधन देते हुए पाया गया, तो संबंधित पेट्रोल पम्प संचालक के खिलाफ लाइसेंसिंग शर्तों एवं मार्केटिंग डिसिप्लीन गाइडलाइन के तहत कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डीएसओ ने यह भी बताया कि इस संबंध में पूर्व में भी निर्देश जारी किए जा चुके हैं, लेकिन कई स्थानों पर नियमों को हल्के में लिया जाता रहा। प्रशासन का कहना है कि यही लापरवाही कई बार अवैध भंडारण, कालाबाजारी और आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देती है। अब ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सूत्रों की मानें तो जिले में कई स्थानों पर पेट्रोल-डीजल को बोतलों और कन्टेनरों में देकर अवैध रूप से जमा करने और बेचने की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। ऐसे में प्रशासन का यह आदेश सीधे तौर पर उन लोगों पर भी चोट माना जा रहा है, जो नियमों को ताक पर रखकर मुनाफे का खेल खेलते रहे हैं।
जिला पूर्ति अधिकारी कृष्ण गोपाल पाण्डेय ने साफ शब्दों में कहा कि जल्द ही पेट्रोल पम्पों का औचक निरीक्षण भी किया जाएगा। यदि जांच के दौरान कहीं भी नियमों का उल्लंघन मिला, तो न केवल जुर्माना बल्कि लाइसेंस निरस्तीकरण तक की कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासन ने सभी पेट्रोल पम्प संचालकों से निर्देशों का अक्षरशः पालन करने की अपील की है। साथ ही चेतावनी भी दी है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के लिए अब प्रशासन का रुख बिल्कुल सख्त रहने वाला है।
कुल मिलाकर प्रशासन का यह कदम अवैध ईंधन भंडारण और संभावित दुरुपयोग पर सख्त नकेल कसने की दिशा में एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।
