


विलेज फास्ट टाइम्स | कुशीनगर | 08 मार्च
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रविवार को जिला पंचायत सभागार में एक भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जनपद की विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित कर महिला सशक्तिकरण का मजबूत संदेश दिया गया। कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश शासन एवं महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के क्रम में किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव तथा मुख्य अतिथि पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती शिवकुमारी देवी ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद महिला सशक्तिकरण और समाज में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
इस अवसर पर डॉ. वीणा (प्रोफेसर, बुद्ध पीजी कॉलेज), डॉ. मेनका (जिला कृषि अधिकारी), अरुण कुमार दुबे (जिला कार्यक्रम अधिकारी) तथा पूर्व जिला प्रोबेशन अधिकारी डी.सी. त्रिपाठी सहित विभिन्न विभागों की महिला अधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहीं। कार्यक्रम का आयोजन स्वैच्छिक संस्था एक्शन एड, कुशीनगर के सहयोग से किया गया, जिसमें जनपद के अलग-अलग क्षेत्रों से आई लगभग 350 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार महिलाओं के उत्थान और स्वावलंबन के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने महिलाओं से शिक्षा प्राप्त कर आर्थिक रूप से सशक्त बनने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। वहीं मुख्य अतिथि श्रीमती शिवकुमारी देवी ने कहा कि आज की महिला हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर रही है। उन्होंने महिलाओं से शिक्षा, सुरक्षा और आत्मसम्मान को जीवन का आधार बनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा दो मुख्य सेविकाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए, वहीं पुलिस, शिक्षा, राजस्व, महिला कल्याण सहित विभिन्न विभागों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 30 महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन पूर्व जिला प्रोबेशन अधिकारी डी.सी. त्रिपाठी ने किया। इस दौरान रामवृक्ष गिरी, शबनम, जुलेखा, नलिन सिंह, अभिषेक सिंह, रीता यादव, प्रीति सिंह, साक्षी पांडे, सुनीता पांडे, वंदना गुप्ता, वंदना कुशवाहा और अंजली पांडे सहित अनेक लोगों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के अंत में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत हस्ताक्षर अभियान चलाकर सभी को बाल विवाह रोकने की शपथ दिलाई गई। पूरे आयोजन में महिला सम्मान, अधिकार और आत्मनिर्भरता का संदेश गूंजता रहा, जिससे उपस्थित महिलाओं में उत्साह और आत्मविश्वास का संचार दिखाई दिया।
